राज्य औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने एंटीबायोटिक दवा को अमानक घोषित करते हुए नकली दवा का अलर्ट जारी किया है। जयपुर स्थित औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में अमोक्सिलिन पोटेशियम क्लेवुलेनेट एंड लैक्टिक एसिड बेसिलस टेबलेट (किलमेड 625 एलबी) सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाया गया।
जयपुर: राजस्थान के स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राज्य औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने एक प्रमुख एंटीबायोटिक दवा को 'नकली' घोषित करते हुए अलर्ट जारी किया। जयपुर स्थित औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की जांच में 'किलमेड 625 एलबी' (अमोक्सिलिन पोटेशियम क्लेवुलेनेट एंड लैक्टिक एसिड बेसिलस) का सैंपल गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह फेल पाया गया है।
जांच रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि दवा में क्लेवुलेनिक एसिड की मात्रा शून्य थी। विशेषज्ञों के अनुसार, क्लेवुलेनिक एसिड इस एंटीबायोटिक का वह अनिवार्य घटक है, जो बैक्टीरिया के प्रतिरोध को तोड़कर दवा को असरदार बनाता है।
इसके बिना दवा का संक्रमण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह दवा हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित वीएडीएसपी फार्मा द्वारा निर्मित की गई थी और जयपुर की इक्यूएमईडी हेल्थकेयर को सप्लाई की गई थी।
यह एंटीबायोटिक आमतौर पर निम्नलिखित गंभीर संक्रमणों के इलाज के लिए डॉक्टरों द्वारा लिखी जाती है। फेफड़ों का संक्रमण और निमोनिया, यूरिन इन्फेक्शन (UTI) और किडनी संक्रमण, गले-साइनस व दांतों के संक्रमण और त्वचा से जुड़ी बीमारियां।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी नकली दवाओं का सेवन न केवल बीमारी को बढ़ाता है, बल्कि मरीज के शरीर में 'एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस' भी पैदा कर सकता है, जो भविष्य के इलाज के लिए घातक है।
औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि विभाग की टीम ने जयपुर के गुर्जर की थड़ी स्थित 'इक्यूमेड हेल्थकेयर' फर्म पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान किलमेड 625 एलबी, क्यूसीपोड 200 और क्यूसीकेल टेबलेट्स को 'नकली' घोषित कर जब्त किया गया। टेबलेट एक्सटेंसिव 500 को 'गंभीर अवमानक' श्रेणी में रखा गया है।
कुल 12.78 लाख रुपए की दवाओं का स्टॉक मौके से जब्त कर फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यदि आपके पास इस बैच की दवाएं हैं, तो इनका सेवन तुरंत बंद करें और अपने नजदीकी औषधि निरीक्षक या डॉक्टर को सूचित करें।