छुट्टी मिली, अब घर पर देखभाल
जयपुर। हजारों लोगों की दुआ का ही रहा असर की कानोता दुष्कर्म पीडिता मासूम को गुरुवार शाम अस्पताल से छुट्टी मिल गई। बालिका गुरुवार शाम जेके लोन अस्पताल से घर पहुंच गई। अस्पताल के चिकित्सकों ने तबीयत में सुधार होने पर बालिका को परिजनों को सौंप दिया। साथ ही घर पर उसकी अच्छी तरह से देखभाल करने व उसे अकेला नहीं छोडऩे की नसीहत दी।
पिता बोले, जिंदगी भर नहीं भूल सकते
दुष्कर्म पीडि़ता के पिता ने कहा कि हुक्का-पानी एक-दो माह तक सीमित रह सकता है, लेकिन उसकी मासूम अबोध बेटी के साथ घिनौनी करतूत करने वाले को जिंदगी भर नहीं भूल सकते।
ग्रामीणों में गुस्सा
आगरा रोड पर कानोता के पास मालपुरा चौड़ में तीन साल की मासूम के साथ दरिंदगी को लेकर आरोपी पवन के खिलाफ पूरा गांव एकजुट हो गया है। गांव में लोग इस कदर गुस्से में हैं कि उन्होंने गुरुवार को आरोपी के घर का पानी का कनेक्शन खुद ही काट दिया और बैठक कर हुक्का पानी बंद करने का फैसला कर लिया। सार्वजनिक नल और हैण्डपंपों से भी पानी लाने पर रोक लगा दी। अब पंचायत परिवार की गांव से बेदखली का फैसला भी लेने वाली है।
आरोपी के घर नहीं जला चूल्हा, बहन-मां घर में बंद
आरोपी के परिवार में तीन दिन से चूल्हा तक नहीं जला है। आरोपी की मां और छोटी बहन तीन दिन से घर में बंद हैं। बहन का कहना है कि उसके किए की सजा अब हम भुगत रहे हैं। पिता के दोनों पांव फ्रैक्चर हैं। ठीक से उठ-बैठ नहीं सकते।
खाद्य सामग्री भी रुकवाई
ग्रामीणों ने आसपास के दुकानदारों को राशन आदि देने के लिए मना कर दिया गया। बच्ची के घर के आसपास रहने वालों ने पहले ई-मित्र से आरोपी के परिवार का राशन कार्ड निरस्त करने की कार्यवाही के लिए कहा। इससे आरोपी पवन का परिवार खौफजदा है। उसने सुरक्षा के लिए पुलिस से गुहार लगाई है।
वकीलों में भी आक्रोश
घटना को लेकर उत्तर भारत की सबसे बड़ी बार एसोसिएशन, जयपुर ने इस मामले के आरोपी की पैरवी नहीं करने का निर्णय किया है। एसोसिएशन की गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। हाइकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर की रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाने की तैयारी है।