जयपुर

राजस्थान में ‘फहरने’ के बजाए ‘नीचे गिरा’ तिरंगा, झंडारोहण के दौरान दो शर्मसार करने वाली घटनाएं, देखें VIDEO

Independence Day Rajasthan: राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर में स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण के दौरान पोल से गिरा तिरंगा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल।
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Aug 15, 2026
karauli sawai madhopur flag falls during independence day hoisting rajasthan
करौली और सवाई माधोपुर में झंडारोहण के दौरान गिर गया तिरंगा !

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा राजस्थान आजादी के जश्न में डूबा नजर आया, वहीं दूसरी ओर करौली और सवाई माधोपुर जिलों से प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था को उजागर करने वाली दो अप्रत्याशित घटनाएं सामने आईं। दोनों ही स्थानों पर आधिकारिक ध्वजारोहण समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज पोल से छूटकर नीचे आ गिरा। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राष्ट्रीय पर्व पर तैयारियों और जमीनी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ी इस प्रकार की चूक ने न केवल समारोह में मौजूद अधिकारियों और नागरिकों को हैरान कर दिया, बल्कि स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

पहली घटना: करौली के त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में

करौली जिला मुख्यालय स्थित त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा था। मंच पर जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ध्वजारोहण के लिए पहुंचे थे।

ध्वजारोहण के समय जब तिरंगे की डोरी खींची गई, तो ध्वज की गांठ नहीं खुली। दबाव बढ़ने के कारण तिरंगा पोल से टूटकर सीधे नीचे आ गिरा। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इसे आयोजन से जुड़े कार्मिकों की सीधी लापरवाही माना जा रहा है।

दूसरी घटना: सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट परिसर में

सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान घटी। यहां जिला कलेक्टर कानाराम सीरवी की अनुपस्थिति में कार्यवाहक कलेक्टर गौरव बुडानिया ध्वजारोहण कर रहे थे।

कार्यवाहक कलेक्टर जैसे ही ध्वज फहराने की प्रक्रिया पूरी करने वाले थे, ठीक उसी पल तिरंगा पोल से अचानक नीचे गिर गया। इस अनपेक्षित घटनाक्रम से कार्यवाहक कलेक्टर और वहां मौजूद सभी अधिकारी व कर्मचारी क्षण भर के लिए पूरी तरह असहज और हैरान रह गए।

कलेक्ट्रेट परिसर जैसे मुख्य प्रशासनिक केंद्र में ध्वजारोहण के पूर्व निरीक्षण और री-चेकिंग न होने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, जवाबदेही तय करने की मांग

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय और गौरवपूर्ण अवसर पर दोनों जिलों से सामने आई इन तस्वीरों के बाद स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया यूजर्स में रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब पूरे देश में आजादी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, तब इस तरह की लापरवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

ध्वजारोहण से पहले पोल, रस्सी और ध्वज की गांठ की जांच करना संबंधित आयोजन टीम की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में आमजन अब यह सवाल उठा रहे हैं कि इन दोनों मामलों में जिम्मेदार कार्मिकों पर क्या कार्रवाई की जाएगी और भविष्य के लिए क्या सबक लिए जाएंगे।

Updated on:
15 Aug 2026 02:23 pm
Published on:
15 Aug 2026 02:23 pm