जयपुर

सोमवार से शुरु हो रहा कार्तिक मास, दान-पुण्य, स्नान और दीपदान विशेष फलदायी

Kartik Month Hindu Calendar 2019 : शरद पूर्णिमा के साथ पवित्र सरोवरों व तीर्थ स्थानों पर ब्रह्म मुहूर्त में कार्तिक स्नान की होगी शुरुआत  
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Updated: 10 Oct 2019, 5:44 PM IST
Kartik Month
सोमवार से शुरु हो रहा कार्तिक मास, दान-पुण्य, स्नान और दीपदान विशेष फलदायी

जयपुर. Kartik Month 2019 : पर्वों और दान-पुण्य का सबसे बड़ा महीना कार्तिक मास कार्तिक मास की शुरुआत सोमवार 14 अक्टूबर से होगी। हिंदू धर्म के इस पवित्र महीने में मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान चलेंगे। श्रद्धालु तुलसी-शालिगराम पूजन करेंगे और देव आराधना के साथ धन-संपत्ति, व्यापार-कारोबार में वृद्धि के लिए पूजा-अर्चना कर कामना करेंगे। इस माह में 8 नवंबर को जहां देवउठनी एकादशी पर देव जागेंगे, वहीं 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा तक कई प्रमुख व्रत व त्योहार भी आएंगे।

ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि तुलसी में साक्षात् मां लक्ष्मी का निवास माना गया है। इस चलते कार्तिक मास मेंं तुलसी के समीप दीपक जलाना शुभ माना गया है। ऋतु चक्र के आधार पर भी इस माह का महत्व है क्योंकि कार्तिक मास से लोगों का खान-पान और पहनावा बदलेगा।

यह पर्व है खास ( kartik month s festival dates )


अशून्य शयन व्रत-15 अक्टूबर

करवाचौथ- 17 अक्टूबर

अहोई अष्टमी- 21 अक्टूबर

रमा एकादशी व्रत- 24 अक्टूबर

धनतेरस- 25 अक्टूबर

धन्वंतरि जयंती- 26 अक्टूबर

रुपचतुर्दशी-26, 27 अक्टूबर

हनुमान जयंती- 26 अक्टूबर

दीपावली, महाकाली पूजा,कमला जयंती और भगवान महावीर निर्वाण दिवस- 27 अक्टूबर

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट- 28 अक्टूबर

भाईदूज, चित्रगुप्त पूजा और यमद्धितीया- 29 अक्टूबर

सूर्यष्ठी व्रत- 31 अक्टूबर

गोपाष्टमी-4 नवंबर

आंवला नवमी-5 नवंबर

रास पूर्णिमा-12 नवंबर

एक महीने तक दीपदान

विभिन्न मंदिरों में पूरे एक महीने तक दीपदान की शुरुआत होगी। इस माह में पितरों के निमित्त भगवान राधा दामोदर का पूजन करने के बाद तर्पण अवश्य करना चाहिए। वहीं दीपदान से वंश वृद्धि भी होती है। पुष्कर सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर पूरे महीने श्रद्धालुओं की रौनक रहेगी और दीपदान होगा।

खास है कार्तिक महीना

- हिंदू पंचांग के 12 मास में कार्तिक भगवान विष्णु का मास है। इसमें नक्षत्र-ग्रह योग, तिथि पर्व का क्रम धन, यश-ऐश्वर्य, लाभ, उत्तम स्वास्थ्य देता है।

- कार्तिक मास हिंदू शास्त्र गणना के आधार पर वर्ष आरंभ का समय माना जाता है।

-इसी मास में शिव पुत्र ने तारकासुर राक्षस का वध किया था, इसलिए इसका नाम कार्तिक पड़ा, जो विजय देने वाला है।

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