भाजपा मुख्यालय में कटारिया की जनसुनवाई। कहा, आनन्दपाल मामले में सीबीआई में नहीं जाना चाहिए था।
जयपुर। गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि सर्व समाज के दबाव में आकर हमने आनन्दपाल मामले को सीबीआई को सौंपा है। हमारी इच्छा यह मामला सीबीआई को देने का नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे खुद भुगतभोगी हूं। निर्दोष होने के बाद भी ढाई साल कोर्ट के चक्कर काटता रहा। निर्दोष होने के बाद भी जिस तरह ट्रायल केस मुझे फेस करना पड़ा वह बहुत ही कष्टदायक था।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सोमवार को यह बात कही। कटारिया ने कहा कि आनंदपाल का केस सीबीआई के पास सर्व समाज के कहने पर ही दिया गया था। उन के दबाव के कारण ही केस उन्हें दिया गया था। एक बार मामला वापस भी आ गया, लेकिन दबाव के चलते दुबारा केस सीबीआई को सौंपा। हमने सर्व समाज के लोगों को कहा था कि केस सीबीआई के पास जाने के बाद परेशानी आएगी। इसको लेकर तीन मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने सर्व समाज के साथ एक कागज पर लिखकर दिया था।
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साधन और अच्छे होंगे
कटारिया ने कहा कि आपदाओं को लेकर अब निरंतर सुधार हो रहा है पहले हमारे पर अच्छे यंत्र नहीं थे। अब अच्छे यंत्र लिए जा रहे हैं। ट्रेनिंग की कमी थी, उसे भी पूरा किया जा रहा है। यूनिट बनाए जा रही है। आने वाले समय में साधन और अच्छे हो जाएंगे।
चुनावों में जोड़कर नहीं देखना चाहिए
आनन्दपाल मामले को लेकर उठे विवाद का असर उपचुनावों में दिखेगा या नहीं। इस पर गृह मंत्री कटारिया ने कहा कि समाज की मांग पर ही मामला सीबीआई को सौंपा। अब इस मामले को चुनावों से जोड़ कर देखना सही नहीं है।