
जयपुर। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच में राजस्थान का कनेक्शन भी प्रमुखता से सामने आया है। पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ केतन की हत्या से कई महीने पहले उदयपुर पहुंची थी। इसी दौरान दोनों ने उस रिसॉर्ट का भी दौरा किया था, जहां बाद में केतन और सिया की भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग प्रस्तावित की गई थी। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल एक चैट में सिया अपनी दोस्त से आधार कार्ड की फोटो मांगते हुए लिखती है, "शादी नहीं होने वाली… फिर भी आधार का फ्रंट और बैक भेज दे।"
पुलिस जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई 19 फरवरी को हुई थी। परिवार ने नवंबर में उदयपुर के एक लग्जरी पैलेस में करीब 17 करोड़ रुपये की रॉयल वेडिंग की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए चार्टर विमान भी बुक किया गया था। हालांकि, जांच में सामने आया है कि सिया इस शादी से खुश नहीं थी।
आरोप है कि वह पहले से चेतन चौधरी के संपर्क में थी और उसी के साथ भविष्य की योजना बना रही थी। पुलिस जांच के मुताबिक, सिया का कथित प्रेमी चेतन मूल रूप से जोधपुर जिले के ग्रामीण इलाके का है। उसका परिवार लंबे समय से पुणे में रहकर व्यापार करता है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सगाई से पहले जनवरी में सिया उसका कथित प्रेमी चेतन और उनके कुछ दोस्त पांच दिन के लिए उदयपुर और जोधपुर घूमने आए थे। इसी यात्रा के दौरान दोनों ने अरावली की वादियों में स्थित एक रिसॉर्ट देखा, जिसे बाद में सिया ने अपनी शादी के लिए पसंद बताया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इसी राजस्थान यात्रा के दौरान हत्या की साजिश की रूपरेखा तैयार की गई थी।
मामले में सामने आई 25 मई की एक चैट भी चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल स्क्रीनशॉट के अनुसार, सिया ने अपनी एक दोस्त से शादी की टिकट बुक कराने के लिए आधार कार्ड की फ्रंट और बैक फोटो मांगी थी। इसी बातचीत में उसने लिखा, "ये शादी नहीं होने वाली… फिर भी आधार भेज दे।" पुलिस इस चैट की डिजिटल जांच करा रही है और इसकी सत्यता की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटा रही है।
जांच में यह दावा भी सामने आया है कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर गुपचुप शादी कर ली थी। इस संबंध में पुलिस उन दो युवतियों से भी पूछताछ कर रही है, जिन्हें कथित तौर पर इस शादी का गवाह बताया जा रहा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
दूसरी ओर, पुलिस ने हाल ही में दोनों आरोपियों को पुणे के लोहगढ़ किले ले जाकर क्राइम सीन दोबारा रिक्रिएट किया। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन चेतन चौधरी जिस मोटरसाइकिल से लोहगढ़ पहुंचा था, उसे जब्त कर लिया गया है। साथ ही उसके कपड़े, हुडी और अन्य सामान की भी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस का दावा है कि डिजिटल जांच में दोनों आरोपियों द्वारा हत्या के तरीके और उससे जुड़े विषयों पर इंटरनेट पर सर्च करने के संकेत भी मिले हैं। उन्होंने कोई जापानी वीडियो देखे थे, जिसमें हत्या को छुपाने के तरीके बताए गए हैं। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, यात्रा से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले से गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया, लेकिन बाद में पुलिस जांच में हत्या की आशंका सामने आई। इसके बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस इस बहुचर्चित मामले में हर पहलू की गहन जांच कर रही है। राजस्थान से जुड़े सामने आए नए तथ्यों के बाद अब जांच का फोकस उदयपुर और जोधपुर यात्रा पर भी केंद्रित हो गया है।