
जयपुर
राजस्थान ( Rajasthan ) में इस बार अच्छी बारिश ( Heavy Rain ) होने से किसानों ( Farmers ) के चेहरे खिले हुए हैं। अच्छी बारिश से ना सिर्फ राज्य के बांधों ( Dam ) में पानी की अच्छी आवक हुई है बल्कि अब खरीफ सीजन ( kharif Season ) में फसलों का अच्छा उत्पादन ( Production ) होने से किसानों की आमदनी ( Farmers Income ) बढ़ाने की उम्मीद भी इस अच्छी बारिश ने बढ़ा दी है। आपको बता दें कि राज्य में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस समय खरीफ फसलों की बुवाई ( sowing ) का समय चल रहा है। ऐसे में अच्छी बारिश को देखते हुए राज्य में इस बार पिछले साल से अधिक रकबा यानि एरिया में खरीफ फसलों की बुवाई होने का अनुमान कृषि विभाग ( Agriculture Department ) ने लगाया है।
आपको बता दें कि राजस्थान में 26 अगस्त तक औसत से 35.5 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। राज्य में एक जून से लेकर 26 अगस्त तक 419.67 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद की जाती है लेकिन इस अवधि में अब तक औसत रूप से कुल 569.05 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। राज्य में अच्छी बारिश को देखते हुए इस बार खरीफ फसलों का रकबा बढ़ने से इनका उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। राजस्थान में 2018 में 161.61 लाख हेक्टेयर एरिया मेें खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी।
163 लाख हेक्टेयर में खरीफ बुवाई का लक्ष्य
इस बार कृषि विभाग ने 163.73 लाख हेक्टेयर एरिया में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है जो कि पिछले साल से ज्यादा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में लक्ष्य के मुकाबले में खरीफ फसलों की 90 फीसदी से ज्यादा बुवाई पूरी कर ली गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 148.60 लाख हेक्टेयर एरिया में खरीफ फसलों की बुवाई हेा चुकी है। आपको बता दें कि राज्य में इस बार 1.80 लाख हेक्टेयर में धान, 6 लाख हेक्टेयर में ज्वार, 44 लाख हेक्टयेर में बाजरा, 9.20 लाख हेक्टेयर में मक्का की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है।
38.82 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई
वहीं, दहलहन की बात करें तो 20 लाख हेक्टेयर में मूंग, 11 लाख हेक्टेयर में मौंठ, 7 लाख हेक्टेयर में उड़द, 0.80 लाख हेक्टेयर में चौला की बुवाई का लक्ष्य है। इसके साथ ही बात करें तिहलन की तो राज्य में 22 लाख हेक्टेयर एरिया में तिलहन और 4.40 लाख हेक्टेयर में अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। मूंग के साथ कुछ फसलों की बुवाई लक्ष्य से ज्यादा हो चुकी है।