जयपुर

Khatu Shyam Mela 2023 : लक्खी मेले का दूसरा दिन, भक्ति में रंगा खाटूधाम

हर तरफ बाबा श्याम के जयकारे लगते हैं, दूसरी तरफ श्रद्धा से भक्तों के हाथ उठे हैं। रींगस से खाटूधाम तक 17 किलोमीटर लंबी कतार के बाद बाबा श्याम के दर्शन होते हैं।

2 min read
Feb 23, 2023

हर तरफ बाबा श्याम के जयकारे लगते हैं, दूसरी तरफ श्रद्धा से भक्तों के हाथ उठे हैं। रींगस से खाटूधाम तक 17 किलोमीटर लंबी कतार के बाद बाबा श्याम के दर्शन होते हैं। हाथ में झंडा लेकर पांच-छह घंटे चलने के बाद बाबा श्याम के दर्शन मिलते हैं। इतनी दूरी तय करने के बाद श्याम बाबा को देखकर भक्त अपने पैरों के छाले और थकान भूल जाता है।

डीजे बंद होने के कारण ढोल नगाड़ों पर नाचते-गाते श्रद्धालु श्याम दरबार में आ रहे हैं। लक्खी मेला का दूसरा दिन शुरू हो गया है। 11 दिवसीय मेले के दूसरे दिन देश भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु दरबार पहुंचे और विशेष फूलों से सजी बाबा श्याम की अनुपम प्रतिमा के दर्शन किए।

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित भगवान खाटू श्याम मंदिर में हर साल एक वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। होली से पहले लगने वाले इस मेले को लक्खी मेला के नाम से जाना जाता है, जिसका श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार यह मेला 22 फरवरी से शुरू हुआ है। इस मेले में हर साल लाखों श्रदालु आते हैं। यह मेला इस बार चार मार्च तक रहेगा।

तीन साल बाद मेले का आयोजन हो रहा है। लक्खी मेला राजस्थान के प्रमुख मेलों में से एक है, जिसमें भाग लेने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। तीन साल बाद आयोजित हो रहे इस मेले में इस साल कई बदलाव किए गए हैं। साथ ही इस मेले को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार के मेले में भक्तों को बाबा के झंडे को मंदिर तक ले जाने की अनुमति नहीं है। सभी झंडे को एकत्रित कर लखदातार के मैदान के पास ही रखा गया है। बाबा के दरबार तक पहुंचने के लिए भक्तों को मुख्य मेला मैदान से 75 फीट लंबी 14 लाइनों से गुजरना पड़ेगा। साथ ही मंदिर के अंदर 16 नई लाइनों की व्यवस्था भी की है।

Published on:
23 Feb 2023 04:40 pm
Also Read
View All