जयपुर

Kirodi Lal Meena Raid: जारी है कृषि मंत्री की ‘छापेमार कार्रवाई’, नकली और अवैध कृषि उत्पादों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, देखें वीडियो

जयपुर के वीकेआई क्षेत्र में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की बड़ी छापेमारी। नमक के अपशिष्ट से बन रहा था नकली पोटाश। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार और ब्यूरोक्रेसी पर साधा निशाना।
3 min read
• •
Updated: 21 Jun 2026, 8:54 AM IST
Kirodi Lal Meena Raid VKI Jaipur Fake Potash
Kirodi Lal Meena Raid - File PIC

राजस्थान के किसानों के हक और शुद्ध कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर पूरी तरह से जमीनी एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के आला अधिकारियों की एक बड़ी टीम को साथ लेकर जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) में संचालित विभिन्न फर्टिलाइजर एवं कृषि उत्पाद निर्माण इकाइयों पर अचानक धावा बोल दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान औद्योगिक क्षेत्र की 3 बड़ी इकाइयों में गंभीर अनियमितताएं, बिना वैधानिक लाइसेंस के प्रतिबंधित कृषि रसायनों का निर्माण और सबसे बढ़कर किसानों के साथ की जा रही एक बहुत बड़ी धोखाधड़ी का लाइव पर्दाफाश हुआ है। मंत्री की इस त्वरित कार्रवाई से मिलावटखोरों और कृषि माफियाओं के पूरे सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।

नमक के अपशिष्ट से बन रहा था नकली पोटाश

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की इस छापेमारी का सबसे गंभीर और संवेदनशील मामला वीकेआई क्षेत्र में स्थित 'नंदी फर्टिलाइजर्स' नामक इकाई में देखने को मिला। पूर्व में सील की गई इस इकाई को जब अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा खुलवाकर सघन निरीक्षण किया गया, तो वहां का नजारा देखकर खुद कृषि मंत्री भी हैरान रह गए।

जांच टीम ने पाया कि इस फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में साधारण नमक के कचरे और अपशिष्ट का प्रसंस्करण (Processing) किया जा रहा था। इस नमक के अपशिष्ट में कुछ हानिकारक रसायन और रंग मिलाकर हूबहू असली जैसा दिखने वाला 'म्यूरेट ऑफ पोटाश' (MOP) तैयार किया जा रहा था। इस नकली पोटाश को ब्रांडेड कट्टों में पैक करके राजस्थान के विभिन्न जिलों के ग्रामीण बाजारों में भेजा जा रहा था। पोटाश फसल की पैदावार और उसकी गुणवत्ता के लिए एक अत्यंत आवश्यक उर्वरक माना जाता है, ऐसे में नमक से बना यह नकली पोटाश न केवल किसानों की जेब काट रहा था, बल्कि मरुधरा की उपजाऊ भूमि को भी पूरी तरह बंजर बनाने का एक बड़ा माध्यम बन रहा था।

देखें वीडियो

इन 3 फैक्ट्रियों पर गिरी गाज

कृषि मंत्री द्वारा वीकेआई क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में की गई इस विस्तृत कार्रवाई के दौरान कुल 3 बड़ी औद्योगिक कड़ियां और गोदाम सीधे तौर पर अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए गए, जिनका तथ्यात्मक ब्योरा इस प्रकार है-

नंदी फर्टिलाइजर्स (VKI Area): इस इकाई में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के नमक के अपशिष्ट से भारी मात्रा में पूरी तरह से नकली म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) का अवैध निर्माण और पैकेजिंग का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा था।

समृद्धि सर्विसेज (रोड नंबर-7): इस कंपनी के सी एंड एफ (C&F) गोदाम पर जब कृषि विभाग की टीम ने छापा मारा, तो वहां बिना किसी वैध लाइसेंस और प्रशासनिक अनुमति के भारी मात्रा में 'बायो स्टीमुलेंट' (Bio Stimulant) की सप्लाई और स्टॉक पाया गया। गौरतलब है कि राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश में इस उत्पाद की खुली बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध (Ban) लगाया हुआ है।

चित्तारी एग्री केयर (VKI): इस तीसरी इकाई के औचक निरीक्षण में भी कृषि विभाग की टीम को बिना किसी वैधानिक स्वीकृति और नियमों के विपरीत तैयार किए जा रहे अवैध बायो स्टीमुलेंट और अन्य गैर-मानक कृषि उत्पादों का एक बहुत बड़ा जखीरा बरामद हुआ है।

किसानों की आजीविका से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: कृषि मंत्री

इस सफल और बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया और अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल के जरिए मिलावटखोरों को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की आजीविका के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

कृषि मंत्री ने अपने बयान में कहा, "जयपुर के वीकेआई क्षेत्र में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान नकली पोटाश, अवैध बायो-स्टिमुलेंट तथा बिना वैधानिक अनुमति संचालित कृषि उत्पाद निर्माण इकाइयां पाई गई हैं। नमक के अपशिष्ट से निर्मित पोटाश भी यहां पाया गया जो हमारे अन्नदाता किसानों के साथ सरासर धोखेबाजी है। कृषकों की मेहनत और उनकी आजीविका के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।"

डॉ. मीणा ने आगे बताया कि संबंधित सभी संदिग्ध और अवैध उत्पादों के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है और इन तीनों निर्माण इकाइयों को पूरी तरह से सीज (Seize) कर दिया गया है। इसके साथ ही, विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन उत्पादों के नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशाला में त्वरित जांच कराई जाए और इन सभी कृषि माफियाओं के विरुद्ध नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दोहराया कि किसानों को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक कृषि आदान उपलब्ध कराना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Updated on:
21 Jun 2026, 8:54 AM IST
Published on:
Also Read
View All
पत्रिका ब्लॉकबस्टर सेल 25 अक्टूबर से- जयपुर के टॉप ब्रांड्स पर भारी छूट, साथ में मिलेंगे ढेरों बंपर प्राइज; ऐसे लें हिस्सा

Rajasthan Mining News: ‘राजस्थान में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी- सरकारी निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल’, जानिए क्या है बड़ी खबर?

Exclusive: महिला कोच में घुसने पर ₹2500 फाइन, लेकिन 72% ट्रेनों में कोच ही गायब! उत्तर पश्चिम रेलवे में महिलाओं के लिए बड़ी कमी

Rajasthan News: राजस्थान की भजनलाल सरकार का सख्त एक्शन, अब 27 भ्रष्ट आला अफसरों के खिलाफ चलेगा मुकदमा 

Indian Railways: जयपुर के खातीपुरा से रेल कनेक्टिविटी ने पकड़ी रफ्तार, डेढ़ साल में ट्रेनें दोगुनी; इन शहरों का सफर आसान