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Rajasthan Politics : ‘संघर्ष की भट्टी से तपे हुए नेता हैं बाबा’, मंत्री किरोड़ी के समर्थन में उतरे MLA रविंद्र सिंह भाटी  

जोधपुर में गरजे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी। घूसकांड में घिरे कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का किया खुला समर्थन। कहा- 'बाबा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप एक सोची-समझी साजिश है'।
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जोधपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 11 Jun 2026, 3:51 PM IST

Ravindra Singh Bhati Supports Kirodi Lal Meena Amid Seed Scam Target

Kirodi Lal Meena and Ravindra Singh Bhati - File PIC

राजस्थान के कृषि विभाग और राज्य बीज निगम के भीतर सामने आए ₹2.43 करोड़ के कथित रिश्वत प्रकरण ने राजनैतिक फिजा को पूरी तरह गरमा रखा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग को लेकर जयपुर से लेकर जिला मुख्यालयों तक बयानी हमले बोल रही है। वहीं इस संकट के समय में किरोड़ी लाल मीणा के लिए 'समर्थन' का सिलसिला भी तेज हो गया है। नागौर सांसद व आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल द्वारा किरोड़ी लाल मीणा का खुला बचाव करने के ठीक बाद, अब शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी कृषि मंत्री के समर्थन में खुलकर मैदान में उतर आए हैं।

जोधपुर प्रवास के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए रविंद्र सिंह भाटी ने न केवल डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की राजनैतिक ईमानदारी का सर्टिफिकेट दिया, बल्कि विपक्ष की इस घेरेबंदी को एक सुनियोजित राजनैतिक षड्यंत्र करार दिया।

'भ्रष्टाचार के आरोप सोची-समझी साजिश'

बीज निगम घूसकांड के बहाने कांग्रेस द्वारा कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर किए जा रहे चौतरफा हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बेहद स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। भाटी ने कहा कि राजस्थान की जनता भली-भांति जानती है कि कौन ईमानदारी से काम कर रहा है और कौन राजनैतिक रोटियां सेक रहा है।

रविंद्र सिंह भाटी ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का पुरजोर बचाव करते हुए कहा, "मीणा साहब (डॉ. किरोड़ी लाल मीणा) के इतने दशकों लंबे और बेदाग राजनीतिक करियर पर भ्रष्टाचार की उंगली उठाना पूरी तरह से निराधार और तर्कहीन है। जो व्यक्ति अपने छात्र जीवन से लेकर आज तक खुद प्रशासनिक भ्रष्टाचार, पेपर लीक माफियाओं और मिलावटखोरों के खिलाफ डंके की चोट पर लड़ता आया हो, भला वह खुद ऐसे किसी लेन-देन का हिस्सा कैसे हो सकता है? वास्तव में यह पूरी कार्रवाई और इस्तीफे का यह हो-हल्ला केवल और केवल उनकी बेदाग जन-छवि को राजनैतिक रूप से धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।"

'संघर्ष की भट्टी से तपे हुए नेता हैं बाबा'

कृषि मंत्री के पुराने संघर्षों और उनके जुझारूपन की जमकर तारीफ करते हुए रविंद्र सिंह भाटी ने पिछली अशोक गहलोत सरकार के समय का इतिहास याद दिलाया। उन्होंने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा की पहचान किसी बंद एसी कमरों में बैठकर राजनीति करने वाले नेता की नहीं है।

भाटी ने आक्रामक अंदाज में कहा, "डॉ. किरोड़ी लाल मीणा कोई आज के बने हुए या पैराशूट लैंडिंग करने वाले नेता नहीं हैं। वे राजस्थान की छात्र राजनीति और किसान आंदोलनों की भट्टी से निकले हुए पूरी तरह तपे-तपाए जननेता हैं। जब प्रदेश में पिछली कांग्रेस सरकार का पूरा 5 साल का कार्यकाल चल रहा था, तब विपक्ष के कई बड़े नेता शांत बैठे थे, लेकिन उस कठिन समय में भी यह अकेले बाबा (किरोड़ी लाल मीणा) ही थे जो सड़कों पर बैठकर बेरोजगार युवाओं, किसानों और पीड़ित जनता के हक के लिए सबसे ज्यादा लाठियां खा रहे थे और संघर्ष कर रहे थे। आज जब उनके ही विभाग के कुछ लोगों की गड़बड़ी सामने आई, जिसे खुद उन्होंने ही पकड़ाया, तो विरोधी उन पर सवाल उठा रहे हैं जो कि पूरी तरह गलत है।"

ये बोले एमएलए रविंद्र सिंह भाटी

'ऐसे कद्दावर नेताओं का राजनीति में होना जरूरी'

निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि राजस्थान के भीतर चल रहे इस राजनैतिक दंगल में अगर जनहित की लड़ाई लड़ने वाले कद्दावर नेता कमजोर पड़ गए, तो इसका सीधा नुकसान सूबे की आम जनता को भुगतना पड़ेगा।

भाटी ने कहा, "राजस्थान की राजनीति में यदि राजनैतिक द्वेष या विपक्ष के मनगढ़ंत दबाव में आकर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा जैसे कद्दावर, मजबूत और गरीबों के हक में खड़े होने वाले नेता राजनैतिक रूप से कमजोर पड़ गए या उन्हें पीछे धकेल दिया गया, तो भविष्य में आम जनता और गरीब किसानों की आवाज उठाने वाला कोई भी साहसी नेता धरातल पर नहीं बचेगा। हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था और सुशासन के संतुलन को बनाए रखने के लिए ऐसे मजबूत चेहरों का सत्ता और शासन में अपनी पूरी ताकत के साथ बने रहना बेहद जरूरी है।"

हनुमान बेनीवाल और मदन दिलावर भी सपोर्ट में

इस कथित रिश्वत प्रकरण के भीतर सबसे दिलचस्प बात यह है कि डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को अपनी खुद की पार्टी भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक धड़ों से ज्यादा प्रदेश के प्रमुख क्षेत्रीय और निर्दलीय दिग्गजों का खुला समर्थन मिल रहा है। इस राजनैतिक घटनाक्रम ने राजस्थान की सोशल इंजीनियरिंग को एक बिल्कुल नए स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है:

मंत्री मदन दिलावर का पहला पक्ष: इस घमासान के शुरुआती दिनों में ही कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने किरोड़ी लाल मीणा की ईमानदारी पर भरोसा जताते हुए उनके पक्ष में बड़ा बयान दिया था।

सांसद हनुमान बेनीवाल की एंट्री: नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किरोड़ी लाल मीणा की छवि का खुला बचाव किया और मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि कार्रवाई करनी है तो बाकी 6 दागी मंत्रियों पर भी समान रूप से एक्शन लिया जाए।

रविंद्र सिंह भाटी का पुरजोर समर्थन: अब बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र से आने वाले निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी जोधपुर की धरती से किरोड़ी लाल के पक्ष में हुंकार भर दी है।