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बिग इश्यू… गोल्डन सिटी का गोल्डन स्टोन: नीतिगत बाधाओं में फंसी ग्लोबल इंडस्ट्री की उड़ान

जोधपुर

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Newsdesk

Jul 28, 2026

Rajasthan

-300 करोड़ के कारोबार वाला पत्थर उद्योग तलाश रहा विस्तार का नया रास्ता

-30 हजार रोजगार की ताकत के बावजूद वैश्विक बाजार में सीमित पहुंच

- रेगिस्तान के खजाने को अब आधुनिक इंडस्ट्री मॉडल और विजन की तलाश





जैसलमेर. राज्य सरकार ने पंच गौरव योजना के अंतर्गत जैसलमेर के विश्वप्रसिद्ध पीले पत्थर को एक जिला-एक उत्पाद यानी ओडीओपी में शामिल कर जिले की ऐतिहासिक पहचान को नई मान्यता दी है। उम्मीद थी कि इस निर्णय के बाद उद्योग को नई गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी स्थिति मजबूत होगी। लेकिन जमीन पर तस्वीर अभी भी अलग है। करीब 30 हजार लोगों की प्रत्यक्ष और परोक्ष आजीविका तथा लगभग 300 करोड़ रुपए के कारोबार वाला यह उद्योग वर्षों से उन्हीं चुनौतियों के बीच खड़ा है, जिनके समाधान की मांग उद्यमी लंबे समय से करते आ रहे हैं। ओडीओपी का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराना है। जैसलमेरी पीला पत्थर इस योजना में शामिल जरूर हुआ, लेकिन उद्योग जगत का कहना है कि केवल ब्रांडिंग से कारोबार नहीं बढ़ेगा। जब तक कर व्यवस्था, खनन नीति और औद्योगिक ढांचे में सुधार नहीं होगा, तब तक अपेक्षित परिणाम मिलना कठिन है।



वर्तमान स्थिति

- प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार: करीब 30 हजार लोग

- अनुमानित वार्षिक कारोबार: करीब 300 करोड़ रुपए

- प्रभावी खनन पट्टे: करीब 219

- वर्ष 2024 में उत्पादन: 1.76 लाख टन से अधिक

- वर्ष 2025 में उत्पादन: 1.58 लाख टन से अधिक



सबसे बड़ी बाधा क्या?
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि जैसलमेरी पत्थर की तुलना संगमरमर या कोटा स्टोन से नहीं की जा सकती। यह पत्थर जमीन की सतह से कुछ ही फीट नीचे उपलब्ध हो जाता है, जबकि संगमरमर की खदानों में सैकड़ों फीट तक खनन होता है। इसके बावजूद दोनों पर लगभग समान नीति लागू है। परिणामस्वरूप स्थानीय उद्यमियों की लागत बढ़ जाती है और प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ती है। इसके अलावा ब्लॉक, कटिंग और पॉलिश किए गए पत्थर पर जीएसटी उद्योग के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है। उद्योग जगत का सुझाव है कि यदि पूरे उत्पाद पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू हो तो बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।



उद्योग की प्रमुख मांगें

-जैसलमेरी पत्थर के लिए अलग स्टोन पॉलिसी

-जीएसटी ढांचे का सरलीकरण

-छोटे क्षेत्रफल की खदानों का आसान आवंटन

-नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना

-पत्थर कारीगरों के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना

-राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग अभियान



....तो मिलेगी उद्योग को गति



स्वर्णनगरी की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खनन नीति और छोटे खनन पट्टों की व्यवस्था उद्योग को नई गति दे सकती है। इस संबंध में बेहतर प्रयासों की अपेक्षा है।

-जुगलकिशोर बोहरा, पत्थर व्यवसाय विशेषज्ञ



रिसर्च संस्थानों तक पहुंचें पत्थर के सैंपल

यदि जैसलमेरी पत्थर के सैंपल आर्किटेक्चर कॉलेजों, मटेरियल लैब्स और रिसर्च संस्थानों तक पहुंचें तो इसका उपयोग आधुनिक निर्माण परियोजनाओं में तेजी से बढ़ सकता है।

-कपिल मेहरा, पत्थर व्यवसाय विशेषज्ञ


फोटो कैप्शन: ओडीओपी में शामिल जैसलमेरी पत्थर को अब वैश्विक बाजार में नई उड़ान के लिए नीति समर्थन की जरूरत।