जयपुर

Rajasthan Politics : 2.43 करोड़ के ‘महा घूसकांड’ की FIR, ‘मंत्री जी’ और ‘डॉक्टर साहब’ का ज़िक्र

राजस्थान के 2.43 करोड़ के घूसकांड पर भारी सियासी घमासान। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर की एसीबी एफआईआर की कॉपी। 'डॉक्टर साहब' और 'मंत्री जी' के जिक्र को लेकर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मांगा इस्तीफा।

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Jun 10, 2026
Kirodi Lal Meena Jodhpur PIC
Kirodi Lal Meena - File PIC

राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार में कृषि विभाग के भीतर सामने आया खाद-बीज घोटाला और 2.43 करोड़ रुपए का रिश्वत कांड अब पूरी तरह से एक बड़े राजनीतिक युद्ध में तब्दील हो चुका है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा राजस्थान राज्य बीज निगम के अशासकीय निदेशक जुगल किशोर सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की कानूनी परतें जैसे-जैसे खुलती चली जा रही हैं, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इसे मुद्दा बनाते हुए और ज़्यादा हमलावर हो रही है। कांग्रेस ने इस महा-घूसकांड की आधिकारिक एफआईआर (FIR) की प्रति सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से साझा कर दी है। इस एफआईआर कॉपी में दर्ज जांच के तथ्यों, कॉल रिकॉर्डिंग्स के विवरण और बिचौलियों के बीच हुई बातचीत के अंशों ने पूरे राजस्थान के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। इन पन्नों में "डॉक्टर साहब" और "मंत्री जी" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे आधार बनाकर विपक्ष अब सीधे कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग पर अड़ गया है।

Dr Kirodi Lal Meena - File PIC

नैतिकता तार-तार, इस्तीफा ही एकमात्र रास्ता : कांग्रेस

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस घूसकांड पर बेहद हमलावर तेवर दिखाए हैं। कांग्रेस ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए कृषि मंत्री के पद पर बने रहने की वैधानिकता को चुनौती दी है।

विपक्ष ने अपने आधिकारिक बयान में लिखा, "कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जी, इस महा-घूसकांड के सामने आने के बाद आपकी तथाकथित राजनैतिक नैतिकता पूरी तरह से तार-तार हो चुकी है। अब आपके पास मंत्री पद से इस्तीफा देने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। एसीबी की गहन जांच और एफआईआर में सामने आए आधिकारिक तथ्यों में साफ तौर पर लिखा है कि 'डॉक्टर साहब का फोन आया था' और 'गंगानगर वाला पेमेंट मंत्री जी को कुछ नहीं आया'... जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और आपराधिक संवाद दर्ज हैं, जो सीधे तौर पर ऊपरी संरक्षण की ओर इशारा करते हैं।"

Rajasthan Congress Social Media Post

'FIR में दर्ज 'सतीश' और 'मंत्री जी' का क्या है कनेक्शन?'

इस घूसकांड की वायरल हो रही एफआईआर कॉपी का सबसे पेचीदा और संवेदनशील पहलू वह हिस्सा है, जिसमें 'सतीश' नाम के एक किरदार द्वारा पेमेंट के लेन-देन और फाइलों की सेटिंग कराने की बातें विस्तार से लिखी गई हैं। कांग्रेस ने इसी तकनीकी बिंदु को पकड़कर कृषि मंत्री के निजी स्टाफ और सचिवालय विंग को पूरी तरह से निशाने पर ले लिया है।

कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से सवाल दागते हुए पूछा है, "इस आधिकारिक एफआईआर में जिस कथित मंत्री और सतीश द्वारा पेमेंट कलेक्ट करने व सेटिंग बिठाने की बातें बार-बार दोहराई जा रही हैं, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिस सतीश की बात इस कानूनी जांच में की जा रही है, क्या वह वास्तव में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निजी सहायक (PA) सतीश ही हैं? अगर हां, तो इतने बड़े करोड़ों के लेन-देन का जाल सीधे मंत्री की नाक के नीचे सचिवालय के बंद कमरों में कैसे बुना जा रहा था और इसके पीछे मुख्य योजनाकार कौन-कौन लोग शामिल हैं?"

'कृषि मंत्री जी, इस्तीफा दीजिए'

 एक अन्य पोस्ट शेयर करते हुए कांग्रेस ने लिखा, ''अब क्या बचा है.. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी? इस्तीफा दीजिए। सीकर में संदीप पर आपके नाम से लाखों की उगाही का आरोप लगा, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, लेकिन आपने बचाने की कोशिश की। अब संदीप का नाम ACB की जांच में सामने आ गया है। आपके करीबी गिरफ्तार बीज निगम के पूर्व डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई की कथित बातचीत में साफ कहा जा रहा है.. "संदीप वाले लफड़े से सारा मामला उजागर हो गया।" "गंगानगर वाला पेमेंट मंत्री जी को कुछ नहीं आया।"

आगे लिखा, ''मीडिया के सामने जिस टीम (संदीप और रजनीश) आप पीठ थपथपा रहे थे, क्या ये संदीप इस पूरे उगाही तंत्र में एक और सबसे अहम किरदार है? सबसे बड़ा सवाल ये है कि सीकर में उगाही के आरोपी संदीप के पकड़े जाने और FIR दर्ज होने के बाद भी मंत्री जी उसके बचाव में क्यों उतरे?''

Rajasthan Congress Social Media Post

कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा, ''खुद मंत्री जी ने सार्वजनिक रूप से कहा था.. "सीकर में हमारी टीम (संदीप व रजनीश) ने पूरी निष्ठा से कार्य किया है।" आज संदीप का नाम करोड़ों के रिश्वतकांड की जांच में सामने आ रहा है। और मंत्री जी के इशारे पर संदीप को छुड़ाने वाले जुगल किशोर स्वयं जेल पहुंच चुके हैं।''

''पहले छापेमारी, फिर सेटिंग, उगाही, FIR, गिरफ्तारियां और अब कॉल रिकॉर्डिंग में सब कुछ स्पष्ट हो चुका है। किरोड़ी जी कृषि मंत्री के पद पर बने रहने का आप नैतिक अधिकार खो चुके हैं।'' ''अब सफाइयों का नहीं, जवाबदेही का समय है। अगर जरा सी भी नैतिकता बची है तो तत्काल इस्तीफा दीजिए। नहीं तो मुख्यमंत्री जी को बर्खास्त करना चाहिए।''

कांग्रेस ने कड़ियों को जोड़कर बनाया मजबूत घेरा

विपक्ष ने इस महा-घूसकांड को केवल एक तात्कालिक घटना मानने से साफ इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने पिछले दिनों सीकर जिले में हुए एक अन्य विवादित मामले और हाल ही में पद से बर्खास्त किए गए बीज निगम के अशासकीय निदेशक जुगल किशोर के अंतर्संबंधों की कड़ियों को एक साथ जोड़कर सरकार के सामने रख दिया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल से उच्च स्तरीय जांच की मांग

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सीधा प्रहार करते हुए कहा है कि यदि इतने पुख्ता दस्तावेजों, एफआईआर में नाम आने और करीबियों की जेल यात्रा के बाद भी डॉ. किरोड़ी लाल मीणा कैबिनेट मंत्री के पद पर सुरक्षित बने रहते हैं, तो यह राजस्थान की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा होगा। यह भाजपा का दोहरा चरित्र और खुलेआम भ्रष्टाचार को संरक्षण देना माना जाएगा।

विपक्ष ने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे 2.43 करोड़ रुपए के खाद-बीज घोटाले और घूसकांड की किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी या उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग से समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कृषि मंत्री से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा लिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर एसीबी की जांच डायरी और गवाहों को प्रभावित न कर सकें।

Published on:
10 Jun 2026 01:42 pm