जयपुर

जयपुर निगम चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: किशनपोल में दो वार्ड पर सबकी नजर, पार्टियों के लिए बागी-निर्दलीय बढ़ा रहे चुनौती

Jaipur Municipal Elections: किशनपोल के 12 वार्डों में चुनावी मुकाबला रोचक है। बागी और निर्दलीय प्रत्याशी कई वार्डों में बीजेपी-कांग्रेस का चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं।
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Sep 08, 2026
kishanpole municipal election
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विकास जैन

जयपुर. गुलाबी शहर का सबसे पुराना और राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील इलाका माने जाने वाला किशनपोल इस बार नगर निगम चुनाव में सिर्फ भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबले का मैदान नहीं है। यहां चुनाव का असली गणित स्थानीय पकड़, बाजारों, मोहल्लों में प्रभाव, सामाजिक समीकरण, पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी, निर्दलीयों की मौजूदगी और प्रत्याशी की व्यक्तिगत स्वीकार्यता से तय होगा। परिसीमन के बाद किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में वार्ड 104 से 115 तक 12 वार्ड हैं। किशनपोल का चुनाव किसी एक लहर से तय होता नहीं दिख रहा। यहां मोहल्ला-दर-मोहल्ला और बूथ-दर-बूथ मुकाबला होगा। वार्ड 110 और 112 जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पूरे क्षेत्र की राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहेगी, जबकि 104, 109 और 115 जैसे वार्डों में सामाजिक समीकरण और प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़ मुकाबले को रोचक बनाए रख सकती है।

बड़े स्थानीय मुद्दे

  • किशनपोल बाजार, चांदपोल और आस-पास के पुराने शहर के हिस्सों में यातायात दबाव।
  • पुरानी बस्तियों में जर्जर सीवर लाइन और बारिश के दौरान जलभराव।
  • पुरानी हवेलियों, बाजारों के ऐतिहासिक स्वरूप को बचाते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना चुनौती।
  • संकरी गलियों, बाजार बंद होने के बाद के समय और महिला सुरक्षा को लेकर बेहतर रोशनी की मांग।

टिकट वितरण में भूमिका: भाजपा से चंद्रमनोहर बटवाड़ा व पूर्व महापौर मोहनलाल गुप्ता की भूमिका और कांग्रेस से विधायक अमीन कागजी की टिकट वितरण में भूमिका अहम रही।

विवरणवार्ड संख्यामतदाता संख्या
कुल मतदातावार्ड 104 से 115 (समस्त 12 वार्ड)1,94,864
सर्वाधिक मतदातावार्ड-11327,883
सबसे कम मतदातावार्ड-10710,831

ऐसे 02 वार्ड जहां पूरे शहर की नजर

  • 110: कांग्रेस की सुनीता मेठी व भाजपा की ज्योति खंडेलवाल आमने सामने हैं। खंडेलवाल जयपुर की महापौर रह चुकी हैं। वहीं बीना मेठी भाजपा की बागी के रूप में यहां से मुकाबले में हैं। यहां निर्दलीय प्रत्याशी सोना जैन और बीना मेठी मत विभाजन की भूमिका में हैं।
  • 112: कांग्रेस के आशीष शर्मा के सामने भाजपा के वरिष्ठ संगठनात्मक चेहरे सुनील कोठारी हैं। यह सीट भाजपा के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोठारी लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं। इधर आशीष की वार्ड में पकड़ मजबूत बताई जा रही है। ऐसे में यहां चुनाव संगठन बनाम स्थानीय समीकरण भी माना जा रहा है। यहां 4 प्रत्याशी हैं।

अलग-अलग सियासी समीकरण

  • 104: कांग्रेस के अब्दुल लतीफ कुरैशी और भाजपा के ज्ञानचंद खंडेलवाल आमने-सामने हैं। 7 प्रत्याशी मैदान में हैं, इसलिए वोटों का बिखराव दोनों दलों के लिए चुनौती है।
  • 105: कांग्रेस के महेश तंबोली और भाजपा के हंसराज चौहान के बीच मुकाबला है। यहां संगठन की सक्रियता और प्रत्याशी का व्यक्तिगत संपर्क निर्णायक हो सकता है।
  • 106: कांग्रेस के जुगल किशोर और भाजपा के चंद्रप्रकाश हैं। यहां जातीय-सामाजिक समीकरण के साथ स्थानीय मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे।
  • 107: कांग्रेस से खुशबू शर्मा और भाजपा से अनुराधा माहेश्वरी मैदान में हैं। निर्दलीय निशा पारीक मुकाबले को रोचक बना रही है।
  • 108: कांग्रेस की मेहरू निशा और भाजपा की मीनाक्षी आमने-सामने हैं। 5 प्रत्याशी मैदान में हैं।
  • 109: कांग्रेस के मोहम्मद अयूब और भाजपा के जाकिर हुसैन खान के बीच मुकाबला है। 8 प्रत्याशियों में 7 मुस्लिम हैं।
  • 111: कांग्रेस के प्रत्याशी का यहां नामांकन खारिज हो चुका है। भाजपा से संजय प्रत्याशी हैं। उनका मुकाबला निर्दलीय प्रत्याशी योगेन्द्र और नरेश शर्मा से है।
  • 113: कांग्रेस के गजनफर अली और भाजपा के फरीदुद्दीन आमने-सामने हैं।
  • 114: कांग्रेस के मोहम्मद जकारिया और भाजपा के नवीन शर्मा मैदान में हैं।
  • 115: कांग्रेस के सुरेश बिवाल और भाजपा के सूरज गोडीवाल के बीच मुकाबला है। भाजपा की सूची में यह सीट एससी आरक्षण वाली है।

समस्याओं की कमी नहीं, ध्यान देने की जरूरत

क्षेत्र के विभिन्न बाजारों और संकरी गलियों में जाम लगता रहता है। बारिश के दिनों में जलभराव से बहुत समस्या होती है। ट्रैफिक जाम की समस्या रोज की बात हो गई है। इस बार ऐसे प्रत्याशी को प्राथमिकता देंगे, जो हमारी समस्या का समाधान कराने का दम रखता हो।
रमेश सिंह, किशनपोल बाजार


किशनपोल के इलाकों में समस्याओं की कोई कमी नहीं है। सीवरेज, गलियों और बाजारों में सड़क के बीच तक पार्किंग समस्या किसे नहीं दिखती। लोगों की सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो कुछ साल बाद कोई यहां रहने वाला नहीं रहेगा।
नीरज शर्मा, किशनपोल बाजार