शिक्षा निदेशालय के निर्देशस्कूल में बनाए जाएं किचन गार्डनमानसून की संभावना को देखते हुए जारी किए गए निर्देश
जयपुर, 7 जुलाई
लौकी, मूली, गाजर, पोदीना, धनिया, टमाटर, अरबी, आलू, मीठे नीम के साथ फल, अब सब कुछ मिलेगा स्कूल में। प्रदेश के सरकारी स्कूलों (Govt Shcools) में किचन गार्डन (Kitchen garden) विकसित करने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) ने मानसून की संभावना को देखते हुए किचन गार्डन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मिड डे मील में मिलेगी ताजा सब्जी
स्कूल खुलने के बाद जब विद्यार्थी स्कूल आएंगे तो किचन गार्डन विकसित होने से उन्हें मिड डे मील में ताजी और स्वादिष्ट सब्जियां भी मिलेंगी। इससे उनके पोषण का स्तर बढ़ेगा। इससे विद्यार्थियों को बागवानी का अनुभव भी मिलेगा। विद्यार्थियों को जंक फूड के नुकसान के बारे में तथा सब्जियों की पोषण क्षमता की जानकारी मिल सकेगी।
पांच हजार रुपए खर्च कर सकेंगे
लौकी, मूली, गाजर, पोदीना, धनिया, टमाटर, अरबी, आलू, मीठे नीम के साथ फल उगाए जा सकेंगे। मौसम के मुताबिक भी सब्जियां उगाई जा सकेंगी। इसके लिए विभाग स्कूलों को पांच हजार रुपए प्रदान करेगा जिससे वह बीज, खाद और जरूरत का सामान खरीद सकें।
किचन गार्डन लगाने के लिए स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों के साथ ही उनके अभिभावकों का भी
सहयोग लिया जाएगा। गार्डन की नियमित देखभाल करने की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को दी जाएगी। साथ ही अभिभावक भी उन्हें इस कार्य में मदद दे सकेंगे। स्कूल के शिक्षक के साथ कुक भी इसमें सहयोग दे सकते हैं।
कहां बनेंगे किचन गार्डन
ऐसे स्कूल जहां स्वयं की भूमि है वहां इन्हें आसानी से बनाया जा सकेगा। जिन स्कूलों में जमीन की कमी है, वह खाली कंटेनर, जार उपयोग में नहीं आने वाली मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की पेटी, सेरेमिक के सिंक और आटे की थैली में सब्जियां उगा सकेंगे। इसके अलावा स्कूल गमले और छत पर भी किचन गार्डन विकसित कर सकेंगे।
इनका रखना होगा ध्यान
: केवल जैविक खाद का होगा उपयोग
: ईको क्लब, स्काउट,एनसीसी गाइड्स विद्यालय विकास समिति के सदस्यों की ले सकेंगे मदद
: छात्रों के योगदान की तस्वीरें विभाग को भेजनी होंगी जरूरी
: गार्डन से प्राप्त सब्जियों का होगा मिड डे मील में उपयोग
यह मिलेगा फायदा
स्कूल की भूमि का सदुपयोग
ताजी सब्जियों के उपयोग से पूरी होगी पोषक तत्वों की कमी
विद्यार्थियों को मिलेगी जंक फूड से नुकसान की जानकारी
परस्पर सहयोग की भावना का विकास
सस्ती और उत्तम गुणवत्ता वाली सब्जियां मिलेंगी
विद्यार्थियों को मिलेगा सब्जियां उगाने का अनुभव
उद्यानिकी को बनाया जा सकेगा आजीविका का माध्यम