Makar Sankranti: मकर सक्रांति की धूम में छत्तों पर चढ़कर पतंग उड़ाने का चल रहा है 'दंगल'। दूर गगन में आपकी पतंग बढ़ती ही जा रही है, स्पीकर पर फुल वॉल्यूम में मस्ती भरे गाने गूंज रहे हैं, अचानक कोई आकर कहता है कि आपने पतंग उड़ाने से पहले परमिट (Permit) नहीं लिया है और आप कानून के अनुसार काम नहीं कर रहे हैं तो पतंग की यह उड़ान आपको भारी भी पड़ सकती है। जेल जाना पड़ सकता है या दस लाख का जुर्माना भरना पड़ सकता है, कम से कम अंग्रेजों के जमाने का एक कानून तो यही कहता है—
मकर संक्रांति से पहले ही आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से गुलजार हो गया है। आप भी डोर-पतंग लेकर तैयार हैं लेकिन तभी कोई आकर आपसे कहता है कि आप पतंग तभी उड़ा सकते हैं जब आपको पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। आपको इस पर भरोसा होगा! शायद नहीं। हालांकि, आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर आप सच में पतंग उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सरकार से इजाजत लेनी होगी। क्योंकि अगर आप बिना परमिट पतंग उड़ाते हैं तो यह कानूनी तौर पर अपराध है।
किस कानून में पतंग उड़ाना अपराध है?
बिना परमिट के पतंग उड़ाने पर 2 साल तक की कैद या 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 (Indian Aircraft Act 1934) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति आसमान में पतंग, गुब्बारा या ड्रोन जैसी कोई चीज उड़ा रहा है तो उसके लिए सरकार से अनुमति या लाइसेंस लेना जरूरी है। आसान शब्दों में अगर यह साबित हो जाता है कि आपने पतंग उड़ाई है और उसे हवाईजहाज की तरह उड़ाया जाता है, जिससे जमीन पर, आसमान में या हवा में जान-माल की हानि होती है, तो आपको इस कानून के तहत सजा मिल सकती है। एक्ट के तहत एयरक्राफ्ट की श्रेणी में उड़ने वाली कोई भी मशीन या उपकरण, इनमें फिक्स्ड और फ्री गुब्बारे, ग्लाइडर, पतंग, एयरशिप और फ्लाइंग मशीन, ड्रोन और लालटेन भी शामिल हैं, इसे उड़ाने के लिए परमिट जरूरी है। 2008 में संशोधन के बाद भी यह अंग्रेजों के जमाने का पुराना कानून कायम है।
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चाइनीज मांझे से भी रहें सावधान :
आपने अक्सर यह खबर सुनी होगी कि पतंग उड़ाने के कारण कई पक्षी मर चुके हैं। चाइनीज मांझा के कारण हाल के दिनों में कई लोगों की जान जा चुकी है। कुछ समय पहले इलाहाबाद में स्कूटी पर जा रही एक महिला की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से जान चली गई थी। एनजीटी की ओर से राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब सहित पूरे देश में चाइनीज मांझे पर बैन है। इसके बावजूद धड़ल्ले से इसे बेचा जा रहा है। इसके चलते कई राज्यों में कुछ एनजीओ पतंगबाजी पर ही बैन लगाने के लिए याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं।
भारत में पतंगबाजी एक उत्सव:
बीते अगस्त माह में दिल्ली पुलिस को चीनी सिंथेटिक मांझा पर प्रतिबंध लगाने के एनजीटी के के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में पतंगबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कोई निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया था। केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने तब कहा था कि पतंगबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की याचिका के गंभीर प्रभाव हो सकते हैं। भारत में पतंग उड़ाना एक उत्सव है। यह धर्म से भी जुड़ा है।