ज्योतिष में जन्म समय के योग जातक के व्यवहार—विशेषता, गुण—अवगुणों के बारे में बहुत कुछ जानकारी दे देते हैं। 04 अक्टूबर 2020 को रात्रि 11 बजकर 06 मिनट तक हर्षण योग रहेगा। इसके उपरांत वज्र योग का प्रारंभ हो जाएगा। आप भी जानिए इनमें जन्म लेनेवाले बच्चे आखिर कैसे होंगे!
हर्षण योग वज्र योग का आरंभ जयपुर. ज्योतिष में जन्म समय के योग जातक के व्यवहार—विशेषता, गुण—अवगुणों के बारे में बहुत कुछ जानकारी दे देते हैं। 04 अक्टूबर 2020 को रात्रि 11 बजकर 06 मिनट तक हर्षण योग रहेगा। इसके उपरांत वज्र योग का प्रारंभ हो जाएगा। आप भी जानिए इनमें जन्म लेनेवाले बच्चे आखिर कैसे होंगे!
हर्षण योग
इसका स्वामी केतु है. इस योग में उत्पन्न जातक को संचार के साधनों, मीडिया के क्षेत्र में सफ़लता मिलती है. इन लोगों को धन के मामले में गहरी अनिश्चितता रहती है. कभी बहुत धन आ जाता है तो कभी बिलकुल भी पैसे नहीं होते.
इन्हें तंत्र मंत्र के कामों में बहुत लगाव होता है. जादू आदि में रुचि रखना और उस पर अमल करना भी इन्हें बहुत भाता है. इन लोगों का कद छोटा होता है. इनकी बुद्धि बहुत तेज होती है. प्राय: अच्छा और सदाचारी जीवन जीने में विश्वास रखते हैं. ज्यादा लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं. हथियार आदि चलाने में भी कुशल रहते हैं.
इन लोगों में मामा—नाना के संस्कार ज्यादा होते हैं. राजनीति में भी रुचि रखते हैं, लोगों की सहायता करने की आदत होती है. इनका बचपन प्राय: रईसों के साए में बीतता है. यही कारण है कि इनकी आदतें राजसिक हो जाती हैं पर इनमें एक कमी होती है. इन लोगों में चुगली करने की बुरी आदत होती है.