
जयपुर।बेटियों को सहायता के नाम पर सरकार दिखावा कर रही है। बेटियों के शैक्षणिक स्तर व स्वास्थ्य में सुधार के लिए उन्हें 50 हजार रुपए की सहायता देनी थी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत 320 करोड़ रुपए स्वीकृत भी हुए, लेकिन सरकार ने इस बजट को 31.25 फीसदी घटाकर 220 करोड़ कर दिया, जिसमें बेटियों को सिर्फ 208 करोड़ रुपए की ही सहायता दे पाए।
दिसम्बर 2023 तक सिर्फ बेटियों को 120 करोड़ रुपए की ही सहायता मिल पाई। इससे दो लाख से अधिक बेटियों को सहायता के लिए इंतजार करना पड़ा। नए वित्तीय वर्ष के बाद उन्हें सहायता मिलना शुरू हुआ। अब सरकार ने इस योजना को लाडो योजना में मर्ज कर दिया। बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच बढ़ाने के साथ उनके स्वास्थ्य व शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए राजश्री योजना शुरू की गई।
साल2016 में शुरू हुई राजश्री योजना के तहत बेटियों को सहायता सरकारी अस्पताल में जन्म लेने और सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने पर दी जाती थी। बेटी के जन्म से लेकर 12वीं पास करने तक उसे 50 रुपए की सहायता मिलती थी। अब सरकार ने इस योजना को लाडो योजना में मर्ज कर दिया और सहायता राशि बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दी। यह सहायता राशि बेटी के स्नातक पास करने पर मिलेगी।