
राजस्थान विधानसभा में सोमवार को किसानों के हितों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सदन को बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बैंक अधिकारियों और बीमा कंपनियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक 'संगठित अपराध' करार देते हुए घोषणा की कि इस मामले की जांच अब राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा SOG को सौंपी जाएगी।
विधानसभा में शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि गंगानगर के करणपुर में 1.70 लाख इंटिमेशन फॉर्म में से जब 32,000 फॉर्म की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि सर्वेयर ने फर्जी तरीके से किसानों और राजस्व अधिकारियों के हस्ताक्षर खुद ही कर लिए।
मंत्री मीणा ने एक कंपनी का नाम लेते हुए सदन में सीधा आरोप लगाया कि इंश्योरेंस कंपनी प्रथम दृष्टया डिफॉल्टर पाई गई है। राजस्थान सरकार ने भारत सरकार को आधिकारिक पत्र लिखकर मांग की है कि इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और इसे भविष्य में कोई टेंडर न दिया जाए। सरकार का स्पष्ट स्टैंड है कि राजस्थान में ऐसी कंपनियों के लिए कोई जगह नहीं है।
मंत्री ने चुरू जिले के सालासर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में हुए एक और बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया।
कृषि मंत्री ने सदन को आगाह किया कि यह घोटाला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। उन्होंने नागौर, बीकानेर, चूरू, सांचौर और जालोर के कुछ हिस्सों को इस 'संगठित अपराध' का केंद्र बताया। मंत्री के अनुसार, इस धंधे में कंपनी के लोग, बैंक कर्मचारी और कुछ बाहरी माफिया तत्व शामिल हैं।
विधानसभा में घोषणा करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, "यह किसानों के पसीने की कमाई पर डाका है। हमने रावला थाने में FIR दर्ज करा दी है और अब SOG इसकी जड़ों तक जाएगी। किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।" उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा सहित विपक्ष के कई सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Updated on:
16 Feb 2026 02:29 pm
Published on:
16 Feb 2026 02:23 pm
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