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Rajasthan News : प्रधानमंत्री के नाम की योजना में ‘महा-भ्रष्टाचार’! भजनलाल सरकार का बड़ा ऐलान 

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार का दिन बेहद हंगामेदार रहा। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सदन में 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) के तहत हो रहे एक बड़े और संगठित घोटाले का पर्दाफाश किया। मंत्री ने ऐलान किया कि प्रदेश के किसानों के हक पर डाका डालने वाले इस 'बीमा माफिया' की अब SOG जांच करेगी।

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राजस्थान विधानसभा में सोमवार को किसानों के हितों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सदन को बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बैंक अधिकारियों और बीमा कंपनियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक 'संगठित अपराध' करार देते हुए घोषणा की कि इस मामले की जांच अब राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा SOG को सौंपी जाएगी।

128 करोड़ रुपये का 'क्लेम घोटाला', किसानों के साथ धोखा

विधानसभा में शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि गंगानगर के करणपुर में 1.70 लाख इंटिमेशन फॉर्म में से जब 32,000 फॉर्म की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि सर्वेयर ने फर्जी तरीके से किसानों और राजस्व अधिकारियों के हस्ताक्षर खुद ही कर लिए।

  • फर्जी रिपोर्ट: जिन किसानों की फसल 50 से 70 प्रतिशत तक खराब हुई थी, उन्हें कागजों में 0 प्रतिशत नुकसान दिखाया गया।
  • नुकसान: इस फर्जीवाड़े के कारण किसानों के हक के 128 करोड़ रुपये डूब गए। मंत्री ने कहा कि बीमा कंपनी इस पैसे को अपने पास रखकर ब्याज कमा रही है।

इंश्योरेंस कंपनी पर गिरेगी गाज, केंद्र को लिखा पत्र

मंत्री मीणा ने एक कंपनी का नाम लेते हुए सदन में सीधा आरोप लगाया कि इंश्योरेंस कंपनी प्रथम दृष्टया डिफॉल्टर पाई गई है। राजस्थान सरकार ने भारत सरकार को आधिकारिक पत्र लिखकर मांग की है कि इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और इसे भविष्य में कोई टेंडर न दिया जाए। सरकार का स्पष्ट स्टैंड है कि राजस्थान में ऐसी कंपनियों के लिए कोई जगह नहीं है।

सालासर SBI शाखा में 'अजीब तमाशा'

मंत्री ने चुरू जिले के सालासर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में हुए एक और बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया।

  • बिना जमीन के बीमा: जांच में सामने आया कि 71 ऐसे लोगों का बीमा किया गया जिनके नाम पर न तो कोई जमीन थी और न ही बीकानेर के गजनेर तहसील में उनका कोई रिकॉर्ड था।
  • 9 करोड़ की सेंधमारी: इन फर्जी 'माफिया' किसानों ने बिना KCC के ही सेविंग अकाउंट के जरिए प्रीमियम कटवा लिया। यदि समय रहते इसे नहीं पकड़ा जाता, तो सरकार के करीब 9 करोड़ रुपये इन माफियाओं की जेब में चले जाते।

इन जिलों में सक्रिय है 'बीमा माफिया'

कृषि मंत्री ने सदन को आगाह किया कि यह घोटाला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। उन्होंने नागौर, बीकानेर, चूरू, सांचौर और जालोर के कुछ हिस्सों को इस 'संगठित अपराध' का केंद्र बताया। मंत्री के अनुसार, इस धंधे में कंपनी के लोग, बैंक कर्मचारी और कुछ बाहरी माफिया तत्व शामिल हैं।

'बख्शे नहीं जाएंगे माफिया'

विधानसभा में घोषणा करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, "यह किसानों के पसीने की कमाई पर डाका है। हमने रावला थाने में FIR दर्ज करा दी है और अब SOG इसकी जड़ों तक जाएगी। किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।" उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा सहित विपक्ष के कई सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।