
मदुरै. मदुरै सेंट्रल जेल में बंद अधिवक्ता अनवरदीन (65) की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। वह पलनी स्थित दंडायुधपाणि स्वामीगल मठ की 100 करोड़ रुपए की संपत्ति के कथित फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले में आरोपी थे। तीन दिन की सीबी-सीआइडी पूछताछ के बाद उन्हें जेल में वापस लाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, रात करीब 10.30 बजे जेल अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी कि अनवरदीन को अचानक सीने में दर्द हुआ और उन्हें राजाजी सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा है। लेकिन 20 मिनट बाद परिवार को बताया गया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
अनवरदीन को 29 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उनके वकील ने अदालत में बताया था कि वह लकवे, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
जेल अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार शाम दवा लेने के बाद वह कैदियों से बातचीत कर सोने चले गए थे। रात 9 बजे के बाद सांस लेने में तकलीफ हुई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
बता दें कि संपत्ति मामले में सीबी-सीआइडी ने मंदिर प्रशासन की शिकायत पर मामला दर्ज कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें उप-पंजीयक जस्टिन मणिकंठन भी शामिल हैं, जिन्हें पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनवरदीन पर आरोप है कि उन्होंने जस्टिन मणिकंठन और जयप्रकाश के साथ मिलकर संपत्ति का फर्जी पंजीकरण कराया था। यह घटना जेल प्रशासन और सीबी-सीआइडी की पूछताछ प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।