राजधानी जयपुर में गुरुवार को एक अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के मामले में वकीलों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
जयपुर। शहर में गुरुवार को एडवोकेट देवेंद्र मीणा के साथ मारपीट के विरोध में वकील सड़कों पर उतर आए। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच जमकर कहासुनी और धक्कामुक्की हुई। वकीलों ने आरोप लगाया कि आदर्श नगर थाना पुलिस ने एडवोकेट देवेंद्र मीणा को एक पुराने मामले में वांछित आरोपी बनाकर अवैध रूप से हिरासत में रखा और उनके साथ मारपीट की।
आक्रोशित वकीलों ने जयपुर कलेक्ट्रेट सर्किल पर मेन सड़क को जाम कर दिया। वकीलों के प्रदर्शन से करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वकीलों ने सड़क पर टायर जलाए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी तरफ स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो, इसके लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया।
मामला गंभीर होते देख स्थिति को संभालने के लिए एडिशनल कमिश्नर राजीव पचार मौके पर पहुंचे और वकीलों को समझाने का प्रयास किया। एडिशनल कमिश्नर से हुई बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी वकील शांत हो गए। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया। साथ ही, एडवोकेट देवेंद्र मीणा की शिकायत पर उनके परिवार की ओर से दर्ज मामले की जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी से कराने का आश्वासन दिया गया।
बार काउंसिल अध्यक्ष संदीप लुहाड़िया ने बताया कि पुलिस ने एडवोकेट देवेंद्र मीणा को न केवल गलत तरीके से हिरासत में लिया, बल्कि थाने में उनके साथ बर्बर व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि देवेंद्र के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं हैं और फ्रैक्चर होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पुलिस की मनमानी और बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं तीन घंटे बाद जाम हटने के साथ ही यातायात सामान्य हुआ। फिलहाल, इस घटना ने पुलिस और वकीलों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।