राजस्थान सरकार ने नई आबकारी नीति जारी कर दी है। नई नीति में ड्यूटी और ठेका नियमों में बदलाव किया गया है, जिसकी वजह से शराब और बीयर के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने नई आबकारी एवं मदिरा नीति जारी कर दी है, जिसके तहत 1 अप्रैल से प्रदेश में देसी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। आबकारी ड्यूटी बढ़ाए जाने के चलते शराब की बोतलें और बीयर 5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक महंगी हो सकती हैं।
नई नीति के अनुसार ठेका संचालकों पर बिक्री का दबाव भी बढ़ेगा। वित्त विभाग (आबकारी) के निर्देशों के तहत मौजूदा ठेकों की लाइसेंस रिन्युअल गारंटी फीस में इजाफा किया गया है। इससे ठेकेदारों को पिछले वित्त वर्ष की तुलना में अधिक मात्रा में शराब की बिक्री करनी होगी।
सरकार ने नई पॉलिसी में शराब की दुकानों के संचालन समय की समीक्षा का अधिकार आबकारी आयुक्त को सौंपा है। मौजूदा समयावधि सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक है, जिसे रिव्यू के बाद 2 घंटे तक बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो शराब की दुकानें रात 10 बजे तक खुली रह सकेंगी।
नई नीति में दुकान संचालकों को एक के बजाय दो गोदाम आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। ये गोदाम केवल स्टॉक रखने के लिए होंगे। हालांकि, शहरी सीमा से बाहर स्थित गोदामों से अवैध बिक्री की शिकायतें पहले से आती रही हैं। मौजूदा ठेका संचालकों का मानना है कि गोदामों की संख्या बढ़ने से गैरकानूनी बिक्री को बढ़ावा मिल सकता है।
सरकार ने आबकारी ड्यूटी को 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया है। ड्यूटी में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का असर सीधे कीमतों पर पड़ेगा। 1 अप्रैल से बीयर की बोतल या कैन करीब 5 रुपये तक महंगी हो सकती है, जबकि 750 एमएल अंग्रेजी शराब की बोतल के दाम 20 रुपये तक बढ़ सकते हैं।
नई नीति के तहत शराब ठेकों के लिए आवेदन शुल्क भी बढ़ाया गया है। 2 करोड़ रुपये तक की न्यूनतम रिजर्व प्राइज वाली दुकानों के लिए आवेदन शुल्क 50 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं 2 करोड़ रुपये से अधिक रिजर्व प्राइज वाले ठेकों के लिए आवेदन शुल्क 1 लाख से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है।
कुल मिलाकर, नई आबकारी नीति से आम उपभोक्ताओं को महंगी शराब का सामना करना पड़ेगा, जबकि ठेका संचालकों के लिए नियम पहले से ज्यादा सख्त होते नजर आ रहे हैं।