जयपुर

जानें कब होंगे जयपुर नगर निगम चुनाव? स्वायत्त शासन विभाग ने कर दिया ये दावा

जयपुर नगर निगम चुनावों को लेकर लंबे समय से असमंजस बना हुआ है। कार्यकाल खत्म हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन अब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इस बीच स्वायत्त शासन विभाग ने अप्रेल में चुनाव कराने का दावा किया है।
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Jan 20, 2026
Jaipur Nagar Nigam Greater
फोटो: पत्रिका

Jaipur Municipal Corporation Elections: जयपुर नगर निगम चुनावों को लेकर शहरी सरकार की सियासत में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। निगम का कार्यकाल पिछले वर्ष नवंबर में समाप्त हो चुका है, लेकिन अब तक चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। चुनाव कब होंगे? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। हालांकि, स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अप्रेल में चुनाव कराए जाएंगे।

सबसे बड़ी अड़चन वार्डों की लॉटरी को लेकर है, जिसका राजनीतिक दलों और संभावित दावेदारों को बेसब्री से इंतजार है। निगम में वार्डों की संख्या 250 से घटाकर 150 कर दी गई है। परिसीमन के साथ नई सीमाएं तय हो चुकी हैं, लेकिन आरक्षण की स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। ऐसे में दावेदार खुलकर अपनी दावेदारी पेश नहीं कर पा रहे हैं। लॉटरी नहीं होने के कारण ये तय नहीं हो पा रहा कि कौन-सा वार्ड किस वर्ग या महिला के लिए आरक्षित रहेगा। टिकट की दौड़ में शामिल नेता रणनीति बनाने में उलझे हैं।

पड़ोसी वार्डों पर भी नजर

खासतौर पर वे दावेदार ज्यादा सक्रिय हैं, जो पिछली बार महिला आरक्षण के कारण खुद चुनाव नहीं लड़ पाए थे और पत्नी को पार्षद बनवाया। ऐसे नेताओं को उम्मीद है कि यदि वार्ड अनारक्षित रहा तो पार्टी उन्हें सीधे टिकट दे सकती है। यही वजह है कि कई पूर्व पार्षद और नए दावेदार अपने ही नहीं, बल्कि पड़ोसी वार्डों पर भी नजर टिकाए हुए हैं।

ये दिक्कतें आ रहीं सामने

शहरी सरकार न होने से लोग कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। पार्षद न होने के कारण स्थानीय स्तर पर शिकायतें दर्ज नहीं हो पा रही हैं। सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन में लापरवाही बढ़ गई है। अस्थायी कचरा डिपो हटाने की निगरानी नहीं हो रही।

सार्वजनिक शौचालयों की हालत बिगड़ रही है। मोहल्लों में नालियों की सफाई और सड़क मरम्मत जैसे छोटे काम अटक गए हैं। लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचानी पड़ रही हैं, लेकिन जवाबदेही की कमी से समाधान में देरी हो रही है। जनभागीदारी और निगरानी तंत्र कमजोर पड़ गया है।

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Updated on:
20 Jan 2026 08:16 am
Published on:
20 Jan 2026 08:16 am