जयपुर

Rajasthan News: कॉलेज से भागकर की थी लव मैरिज, अब न पति के घर जगह मिली, न ही पीहरवालों ने अपनाया

पति से विवाद के बाद न्याय और सहारे की उम्मीद लेकर महिला आयोग पहुंची एक महिला सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर छत पर चढ़ गई। महिला आयोग परिसर में छत पर चढ़ी महिला को देखकर हड़कंप मच गया।
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Updated: 7 Nov 2026, 8:38 AM IST
Love Marriage Case
लव मैरिज के बाद पति से विवाद। फोटो: एआई

जयपुर। पति से विवाद के बाद न्याय और सहारे की उम्मीद लेकर महिला आयोग पहुंची एक महिला सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर छत पर चढ़ गई। महिला आयोग परिसर में छत पर चढ़ी महिला को देखकर हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची ज्योति नगर थाना पुलिस ने समझाइश कर उसे सुरक्षित नीचे उतारा। प्रारंभिक बातचीत में सामने आया कि महिला के सामने पति से विवाद के साथ ही सिर छुपाने का भी गंभीर संकट खड़ा है। पति के घर से अलग होने के बाद पीहर पक्ष ने भी उसे अपनाने से इनकार कर दिया था।

जानकारी के अनुसार महिला सवाई माधोपुर के बामनवास की रहने वाली है। उसने करीब तीन साल पहले कॉलेज से भागकर एक युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच कलह शुरू हो गया। महिला ने पति के खिलाफ ईस्ट महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिस पर फिलहाल पुलिस जांच चल रही है। महिला का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पति के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह मानसिक तनाव में थी।

22 अप्रेल को पीहर पहुंची, वहां से भी निकाला

महिला ने पुलिस को बताया कि 22 अप्रेल 2025 को वह अपने पीहर पहुंची, लेकिन परिजन ने उसे घर में रखने से मना कर दिया और वहां से भी निकाल दिया। इसके बाद उसके सामने रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया। पति का घर छूटने और पीहर में ठिकाना नहीं मिलने के बाद वह मदद की आस में महिला आयोग पहुंची थी। यहां कथित तौर पर सुनवाई में देरी से वह विचलित हो गई और छत पर चढ़ गई।

गनीमत रही कि एडवोकेट चरणजीत भाटी और कोर्ट के कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला को पकड़ लिया और सुरक्षित नीचे उतार लिया। ज्योति नगर थानाधिकारी गुंजन सोनी ने बताया कि उसे ‘शक्ति स्तम्भ’ भिजवाया है। साथ ही उसकी नियमित काउंसलिंग भी करवाई जा रही है ताकि वह तनाव से उबर सके।

इनका कहना है…

पारिवारिक न्यायालय परिसर में पति-पत्नी के विवाद कई बार अत्यंत गंभीर रूप ले लेते हैं। कोर्ट भी कई बार हिरासत में लेने के आदेश जारी करती है, लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यहां पर केवल एक महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से यहां एक स्थायी पुलिस चौकी होनी चाहिए।
— डीएस शेखावत, अध्यक्ष, पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन, जयपुर

Updated on:
7 Nov 2026, 8:38 AM IST
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