
LPG cylinder rules: जयपुर. राज्य में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा आमजन को राहत देने के उद्देश्य से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा की अध्यक्षता में मंत्रालय भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तेल एवं गैस विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैठक में राज्यभर में घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति, वितरण प्रणाली और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रूप से चल रही है और औसतन दिनों में डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, गैर-घरेलू क्षेत्रों में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति लगातार बढ़ाई जा रही है।
मंत्री गोदारा ने आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विवाह समारोहों के लिए विशेष प्रावधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह समारोह के लिए 19 किलोग्राम के दो वाणिज्यिक गैस सिलेंडर तथा शहरी क्षेत्रों में तीन वाणिज्यिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए आवेदक को विवाह कार्ड संलग्न कर संबंधित जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को आवेदन करना होगा, जिसके बाद गैस एजेंसी के माध्यम से सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
बैठक में पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने, नए कनेक्शन देने और आमजन व उद्योगों के बीच पीएनजी के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि पीएनजी पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित ईंधन है, जिसका अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह भी निर्देश दिए गए कि बिना ई-केवाईसी (e-KYC) के किसी भी उपभोक्ता को एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाए। साथ ही नवगठित नगरपालिकाओं को ग्रामीण श्रेणी में शामिल नहीं करने के निर्देश दिए गए, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति के नियमों में स्पष्टता बनी रहे।
बैठक में शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि राज्य में पीएनजी विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है और आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।