
चेन्नई. राजधानी चेन्नई समेत तमिलनाडु के कई जिलों में मनी म्यूल अकाउंट्स के जरिए संदिग्ध लेन-देन के मामले में सेंट्रल क्राइम ब्रांच साइबर क्राइम पुलिस ने सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग एजेंट्स और अन्य पार्टियों के बैंक खातों में संदिग्ध रकम आने की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई।
पुलिस कमिश्नर के ऑफिस में कल से लगातार पूछताछ चल रही है। गिरफ्तार किए गए युवाओं और छात्रों के माता-पिता व रिश्तेदार ऑफिस के बाहर इंतज़ार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने सुबह से ही अलग-अलग जगहों से उनके बच्चों को उठाया और उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी।
बिना स्पष्ट कारण बताए उनको हिरासत में रखना गलत
परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों को सीधे किसी से पैसे नहीं मिले, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग और अन्य गतिविधियों के चलते उनके बैंक खातों में रकम आई। उनका सवाल है कि यदि खातों में संदिग्ध पैसे आए हैं तो जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना स्पष्ट कारण बताए उनको हिरासत में रखना गलत है।
परिजन पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर कर रहे इंतजार
माता-पिता ने यह भी आरोप लगाया कि असली धोखाधड़ी करने वाले लोग दूसरों के बैंक खातों का इस्तेमाल करके आगे निकल गए, जबकि कॉलेज छात्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को पूछताछ के लिए लाया गया। कई परिवारों ने बताया कि इससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों समेत परिजन बिना भोजन-पानी के पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर इंतज़ार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि छात्र सच में फ्रॉड में शामिल हैं तो सबूत पेश कर कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा उनको जल्द रिहा किया जाए। पीड़ित परिवारों ने तमिलनाडु सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर स्पष्ट जानकारी देने और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की है।