जयपुर

Major Navya Shekhawat : ‘राजस्थान की बेटी’ मेजर नव्या शेखावत ने रचा इतिहास, बनीं राष्ट्रपति की पहली महिला आर्मी ADC, जानिए पूरा प्रोफ़ाइल

President Draupadi Murmu new Army ADC : सीकर की मेजर नव्या शेखावत बनीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पहली महिला थल सेना ADC। जानिए शेखावाटी की बेटी का यह ऐतिहासिक सफर।
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Updated: 18 Sep 2026, 10:52 AM IST
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Major Navya Shekhawat

राजस्थान के वीरों की भूमि शेखावाटी ने एक बार फिर पूरे देश में अपना परचम फहराया है। सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक स्थित केरपुरा गांव की मूल निवासी मेजर नव्या शेखावत (Major Navya Shekhawat) को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आधिकारिक 'ऐड-डी-कैंप' (Aide-de-Camp - ADC) नियुक्त किया गया है। आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) की सैन्य अधिकारी मेजर नव्या, भारतीय थल सेना (Indian Army) की पहली ऐसी महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्हें देश के सर्वोच्च संवैधानिक प्रमुख और तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर का एडीसी बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।

अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में सैन्य वर्दी पहनकर देश सेवा कर रही मेजर नव्या की इस उपलब्धि से न केवल सीकर और पूरे राजस्थान में खुशी की लहर है, बल्कि यह देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय बन गया है।

परिवार की तीसरी पीढ़ी देश सेवा में समर्पित

मेजर नव्या शेखावत का सैन्य पृष्ठभूमि से गहरा नाता रहा है। उनके दादा विंग कमांडर भंवर सिंह शेखावत भारतीय वायुसेना (IAF) से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि उनके पिता ग्रुप कैप्टन करण सिंह शेखावत वर्तमान में भी भारतीय वायुसेना में देश सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

दादा और पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए नव्या ने भी सेना में जाने का सपना देखा और अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में थल सेना अधिकारी बनकर इस परंपरा को आगे बढ़ाया।

UPSC CDS से शुरू हुआ सफर

नव्या शेखावत का भारतीय सेना में चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा के माध्यम से हुआ था। उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) वीमेन नॉन-टेक्निकल कोर्स की ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु के चेन्नई स्थित प्रतिष्ठित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) से अपनी कठिन सैन्य ट्रेनिंग पूरी की।

5 साल में हासिल की मेजर रैंक

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद साल 2021 में नव्या को भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन दिया गया। आर्मी सर्विस कॉर्प्स युद्ध और शांति दोनों समय में भारतीय सेना की टुकड़ियों तक लॉजिस्टिक्स, ईंधन और रसद पहुंचाने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालती है। अपनी उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा और बेहतरीन सेवा प्रदर्शन के बल पर उन्होंने महज 5 वर्षों के भीतर मेजर रैंक हासिल कर लिया।

राष्ट्रपति की थल सेना से पहली महिला ADC

साल 2026 में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मेजर नव्या शेखावत को अपना एडीसी नियुक्त किया। थल सेना के इतिहास में पहली बार किसी महिला अधिकारी को राष्ट्रपति के एडीसी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अगर तीनों सेनाओं (सशस्त्र बलों) की बात करें तो मेजर नव्या इस पद को संभालने वाली देश की दूसरी महिला अधिकारी हैं। उनसे ठीक एक साल पहले 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी बनी थीं।

क्या होती है राष्ट्रपति के ADC की जिम्मेदारी?

'ऐड-डी-कैंप' (ADC) का पद राष्ट्रपति भवन का सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदारी भरा सैन्य पद माना जाता है। एडीसी सीधे राष्ट्रपति के साथ साए की तरह तैनात रहते हैं।

सुरक्षा और प्रोटोकॉल: राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले सभी राजकीय समारोहों, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और VIPs के आगमन के दौरान प्रोटोकॉल का प्रबंधन करना।

तालमेल और सुरक्षा संचालन: राष्ट्रपति की आधिकारिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, समय-सारणी और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ समन्वय बिठाना।

पांच एडीसी की विशेष टीम: भारत के राष्ट्रपति के पास कुल 5 एडीसी का दल होता है, जिसमें 3 अधिकारी थल सेना से, 1 नौसेना से और 1 वायुसेना से चुने जाते हैं। मेजर नव्या थल सेना के कोटे से इस मुख्य कोर टीम का हिस्सा बनी हैं।

Updated on:
18 Sep 2026, 10:52 AM IST
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