
jaipur mayor election bjp sunil kothari vs congress sunita mahawar
जयपुर नगर निगम में अगले महापौर की कुर्सी को लेकर जारी सस्पेंस और राजनीतिक ड्रामे पर आखिरकार विराम लग गया है। नामांकन के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने वरिष्ठ सांगठनिक चेहरे, वैश्य समाज के प्रतिनिधि और वार्ड 112 से नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी को मैदान में उतार दिया। वहीं दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जयपुर शहर की दो दशक पुरानी दिग्गज नेत्री और वार्ड 118 की नवनिर्वाचित पार्षद सुनीता मावर पर दांव खेलते हुए मुकाबला बेहद दिलचस्प बना दिया है। सुनील कोठारी और सुनीता मावर ने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपने-अपने नामांकन दाखिल किए। 78 पार्षदों के साथ बहुमत वाली भाजपा और 57 पार्षदों के साथ चुनौती दे रही कांग्रेस के इस मुकाबले ने जयपुर के सियासी पारे को उफान पर ला दिया है।
जयपुर महापौर पद के चयन के लिए भारतीय जनता पार्टी में देर रात तक गहन मंथन और बाड़ेबंदी का दौर चलता रहा। पुष्कर स्थित रिजॉर्ट में पार्षदों से रायशुमारी के बाद जैसे ही सर्वसम्मति बनी, नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी सीधे जयपुर पहुंचे। दोपहर 2:30 बजे, नामांकन का समय खत्म होने से ठीक आधे घंटे पहले वे जयपुर नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ जयपुर सांसद मंजू शर्मा, पूर्व मेयर अशोक लाहोटी, विधायक कालीचरण सराफ, विधायक बालमुकुंद आचार्य, वरिष्ठ नेता शैलेंद्र भार्गव और जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल समेत कई बड़े दिग्गज नेता मौजूद रहे।
सुनील कोठारी को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बेहद करीबी माना जाता है। वे पिछले 30 वर्षों से भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और पूर्व में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष तथा जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास 35.87 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है, जिसके दम पर वे जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के सबसे अमीर पार्षद भी हैं। हालिया चुनाव में भाजपा ने अपनी निवर्तमान मेयर कुसुम यादव का टिकट काटकर उन्हें वार्ड 112 से उम्मीदवार बनाया था, जहां उन्होंने कांग्रेस के आशीष शर्मा को 905 वोटों से हराया था।
भले ही भाजपा के पास 150 में से 78 सीटों का स्पष्ट बहुमत मौजूद है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने मुकाबले को वाकओवर देने के बजाय अपनी सबसे वरिष्ठ और प्रभावी महिला नेता सुनीता मावर को प्रत्याशी घोषित कर दिया। सुनीता महावर आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 118 से नवनिर्वाचित पार्षद हैं, जहां उन्होंने 3,165 वोट (46.7% शेयर) पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 676 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। वे आदर्श नगर विधायक रफीक खान की मुख्य रणनीतिकार और सिपहसालार मानी जाती हैं।
सुनीता मावर पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से जयपुर नगर निगम की स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। वे पूर्व में नगर निगम की कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक व विकास समितियों में अध्यक्ष पद की कमान संभाल चुकी हैं। जयपुर कांग्रेस के हलकों में उन्हें महिला अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और वैश्य समाज का मजबूत और जमीनी चेहरा माना जाता है। साल 2020 के निगम चुनावों में भी वे मेयर पद की दावेदार थीं। उनके इस लंबे अनुभव को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें एक बार फिर महापौर के सबसे बड़े मंच पर उतारने का फैसला किया।
जयपुर नगर निगम के मौजूदा दलीय गणित में भाजपा के पास 78 सीटें, कांग्रेस के पास 57 सीटें और निर्दलीयों के पास 15 सीटें हैं। भाजपा को अपनी बोर्ड बनाने के लिए केवल 76 वोटों की जरूरत है, जो उनके पास पहले से उपलब्ध है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने अपनी मजबूत रणनीति और निर्दलीयों की मदद से भाजपा के खेमे में सेंध लगाने का दांव खेला है।
यदि दोनों में से कोई भी नाम वापस नहीं लेता है, तो आगामी 25 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक महापौर पद के लिए मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम तक जयपुर को नया प्रथम नागरिक मिल जाएगा।
Updated on:
19 Sept 2026 03:41 pm
Published on:
19 Sept 2026 03:41 pm
