जयपुर

Jaipur: आरजीएचएस पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज से बड़े घोटाले का खुलासा, निजी अस्पताल संचालक गिरफ्तार

RGHS Scam: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में जालसाजी कर सरकार को चपत लगाने के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। मामले में जयपुर की मानसरोवर थाना पुलिस ने निविक हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सोमदेव बंसल को रविवार को गिरफ्तार किया।

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Apr 13, 2026
निजी अस्पताल संचालक गिरफ्तार, पत्रिका फोटो

RGHS Scam: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में जालसाजी कर सरकार को चपत लगाने के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। मामले में जयपुर की मानसरोवर थाना पुलिस ने निविक हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सोमदेव बंसल को रविवार को गिरफ्तार किया। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीज के दस्तावेज में कांट-छांट करके आरजीएचएस की सरकारी वेबसाइट पर अपलोड करने के मामले में आरोपी डॉ. सोमदेव को गिरफ्तार किया।

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सरकारी पोर्टल पर की गलत दस्तावेज किए अपलोड

संबंधित विभाग ने भी इस गड़बड़ी के संबंध में शिकायत की थी। अनुसंधान में सामने आया कि अस्पताल प्रशासन ने आरजीएचएस दस्तावेज में जानबूझकर सरकारी पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड की थी। वकीलों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था, तब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

दस्तावेज में फर्जीवाड़े के आरोप पर गिरफ्तारी

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि अस्पताल के खिलाफ इलाज में लापरवाही के मामले में कार्रवाई नहीं की गई है। यह कार्रवाई दस्तावेज में फर्जीवाड़ा करने के मामले में की गई है। मामले में विभाग ने भी फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। जिस पर जांच के बाद निजी अस्पताल संचालक को गिरफ्तार किया गया है।

भुगतने पड़ेंगे गंभीर परिणाम

इधर, प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विजय कपूर ने डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ़्तारी को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की मौत होने पर चिकित्सक को गिरफ्तार करना सरकार की ओर से पूर्व में जारी एसओपी के विपरीत है और एक गलत परिपाटी की शुरुआत है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वकीलों के दबाव में उठाए इस कदम के गंभीर दीर्घकालिक परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल गंभीर रोगियों को भर्ती व इलाज करने में हिचकिचाएंगे। गंभीर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज लेने में परेशानी होगी, जिसका खमियाज़ा अंततः आमजन को ही भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान मरीज की मौत होने पर आगे की जांच व कार्रवाई की एक निश्चित व स्पष्ट प्रणाली और दिशानिर्देश हैं, जिनकी पालना होनी चाहिए।

डॉक्टर अस्पताल में भर्ती

गिरफ्तार हुए डॉ. बंसल की तबीयत खराब होने पर एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां पर भर्ती कर लिया गया। मानसरोवर थाना एसएचओ लखन सिंह खटाना ने बताया कि बंसल ने घबराहट होने की शिकायत की थी।

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