रामलीला मैदान में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता महासम्मेलन को संबोधित किया।
जयपुर।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को रामलीला मैदान में राजस्थान, उड़ीसा राज्य स्तरीय कार्यकर्ता महासम्मेलन को संबोधित किया।
नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा...
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा व एनडीए (राजग) की सरकारें हैं, वहां पर गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यको का उत्पीडऩ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा सिर्फ जुमलेबाजी है।
अब युद्ध स्तर पर चुनावी तैयारियों में...
कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस-भाजपा के किसी बहकावे में फिर नहीं आना। अब युद्ध स्तर पर चुनावी तैयारियों में जुट जाएं। अतिथि के रूप में उपस्थित हुई पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सीताराम मेघवाल ने हाथी और ताज भेंट किया।
भाजपा सरकार पर किया जमकर वार...
उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर वार किया। केंद्र सरकार को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि सहारनपुर के एक गांव में जब दलितों पर अत्याचार हुए तो उन्होंने यह बात सदन में कहनी चाही तो केन्द्र सरकार ने रणनीति के तहत यह बात देश की सबसे बडी पंचायत में नहीं रखनी दी। इस कारण उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया।
आरक्षण देने से बच रही सरकार...
साथ ही कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस इस्तीफे का जवाब आगामी चुनाव में भाजपा-कांग्रेस को हराकर बसपा को जिताकर दें। यह सरकार पिछड़ों को आरक्षण देने से बच रही है। इसी साजिश के तहत सरकारी कामों और विभागों के प्रोजेक्ट को निजी क्षेत्र को सौंपा जा रहा है।
बसपा सरकार के कार्यकाल की गिनाईं उलब्धियां...
केंद्र सरकार की कार्यशैली के बारे में कहा कि इनकी नीतियां दलित, आदिवासी, व्यापारी और अल्पसंख्यक विरोधी हैं। उन्होंने बसपा सरकार के कार्यकाल की उलब्धियां गिनाईं। कहा कि हमारे कार्यकाल में एक भी किसान ने आत्महत्या नहीं की है। हमने दलितों, पिछड़ों गरीबों को प्राथमिकता दी है।
खचाखच भरे रामलीला मैदान को देखकर कहा...
खचाखच भरे रामलीला मैदान को देखकर कहा कि यह राजस्थान में बसपा का बढ़ता प्रभाव का असर है। इस मौके पर उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान बसपा के प्रदेशाध्यक्ष सीताराम मेघवाल, प्रदेश प्रभारी दारा सिंह आजाद, डॉ. मेधानकर आदि ने भी महासम्मेलन को सम्बोधित किया।
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