
जयपुर।
खनिज एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने बुधवार को राजस्थान में पाइप के जरिए रसोई तक गैस पहुंचाने व सीएनजी स्टेशन स्थापित करने का जिम्मा संभाल रही राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्राकृतिक गैस ग्रीन एनर्जी का प्रमुख माध्यम है। इसलिए प्रदेश में पाइप लाइन से घरेलू गैस वितरण नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना जरूरी है। जिससे लोगों को जल्द से जल्द पाइप के जरिए रसोई में सस्ती गैस उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोडमैप बनाकर शहरों में पाइपलाईन से घरेलू गैस, वाहनों के लिए सीएनजी गैस सेवाओं का आधारभूत ढांचा तैयार कर रही है। काम तेजी से हो इसके लिए विभागों में आपसी समन्वय और मॉनिटरिंग जरूरी है। अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में नीमराना, कोटा, कूकस, ग्वालियर व शिवपुरी में 70 हजार किलोग्राम प्रतिदिन सीएनजी पीएनजी उपलब्ध कराई जा रही है। 11 सीएनजी स्टेशनों की स्थापना कर गैस का वितरण किया जा रहा है।
एसीएस अग्रवाल ने बताया कि जयपुर शहर में मार्च में पाइप से घरेलू गैस वितरण का कार्य शुरू होगा। इसके लिए कालवाड़ा में पंपिंग स्टेशन बनाया गया है और जयपुर तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में जयपुर शहर में झोटवाड़ा,विद्याधर नगर,मानसरोवर क्षेत्र में पाइप के जरिए रसोई में गैस कनेक्शन देने का काम शुरू होगा। पहले चरण में 10 हजार कनेक्शन जारी करने की योजना बनाई है। कोटा शहर में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही 15 औद्यौगिक प्रतिष्ठानों सहित 30 व्यावसायिक संस्थानों को गैस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नीमराणा मेें 32 हजार किलोग्राम प्राकृतिक गैस प्रतिदिन उपलब्ध कराई जा रही है।
आरएसजीएल निंरंतर लाभ में काम कर रही है और पिछले दो सालों से लाभांश वितरित कर रही है। उन्होंने बताया कि चार ऑनालाईन स्टेशनों से गैस वितरित की जा रही है जिसका सीधा लाभ आम लोगों को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया।