जयपुर

MLA भरत सिंह बोले, ‘संसद तक में क्रिमिनल बैकग्राउंड के लोग, तो कैसे रुके पुलिस में सियासी दखल?’

MLA भरत सिंह बोले, 'संसद तक में क्रिमिनल बैकग्राउंड के लोग, तो कैसे रुके पुलिस में सियासी दखल?'
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Updated: 23 Jul 2019, 12:38 PM IST
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जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री भरतसिंह ने राजनीति में परदे के पीछे की 'कड़वी' सच्चाई को सभी के सामने रख दिया। भारत सिंह के सम्बोधन की बातों को सुनकर सदन में मौजूद हर सदस्य हक्का-बक्का रह गया। पूर्व मंत्री ने 'मन की बात' करते हुए खासतौर पर पुलिस में राजनीतिक दखलंदाजी को लेकर बहुत कुछ कह डाला। उन्होंने साफ़ कहा कि हममें से ही ऐसे कई हैं जो आपराधिक बैक ग्राउंड से आने वाले हैं, ऐसे में कानून व्यवस्था कैसे बनी रहेगी ये सोचने की बात है।

ये कहा पूर्व मंत्री ने
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री भरतसिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस में राजनीतिक दखलंदाजी खत्म करने की अच्छी पहल की है, लेकिन इसे खत्म करना इतना आसान भी नहीं। उन्हें कहने में कोई संकोच नहीं है कि हम में से बहुत पर आपराधिक बैकग्राउंड के मामले हैं और संसद में भी हैं। बहुत को जेल का भी अनुभव है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दखलंदाजी का ही उदाहरण है कि साल 2016 में महात्मा गांधी के शहीद दिवस पर सांगोद थाना क्षेत्र में मूर्ती को हथौडिय़ों से तोड़ दिया गया, लेकिन आज तक मामला दर्ज नहीं हुआ।

भरत सिंह ने सरकार की ओर से राजनीतिक मुकदमे हटाने की परम्परा को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि जब मुकदमे हटा दिए जाते हैं, तो पुलिस कार्रवाई ही क्यों करती है। एक एसपी को भ्रष्टाचार में पकड़ा गया, सत्ता बदली तो प्रमोशन कर डीआइजी बना दिया गया। यह हो क्या रहा है?

इससे पहले राज्य विधानसभा में सोमवार को गृह, न्याय और आबकारी की अनुदान मांगों पर दिनभर चली बहस के दौरान लगभग सभी विधायकों ने बजरी को मुद्दा बनाया। इसके साथ ही अवैध शराब की बिक्री, पुलिस में जवानों की कमी और आमजन व पुलिस के बीच तालमेल को लेकर मुद्दे उठाए गए।

गुजरात जा रही अवैध शराब: संयम
निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि जेलों में अच्छा माहौल नहीं मिलने से जेल से आने के बाद व्यक्ति और ज्यादा अपराध करता है। आज बड़ी मात्रा में अवैध शराब राजस्थान के रास्ते गुजरात जा रही है। यहां पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि गुजरात पुलिस की बॉर्डर पर स्थित चौकी में 237 मामले दर्ज हो गए।

लोढ़ा ने कहा कि कांग्रेस सरकार 7 माह गुजरने के बाद भी महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, मुख्य सूचना आयुक्त, एस-एसटी आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति तक नहीं कर सकी है। लोढ़ा ने एकल पट्टा प्रकरण को लेकर कहा कि 90-बी में कहां लिखा है कि आप किसी कंपनी को एकल पट्टा नहीं दे सकते। लेकिन एसीडी के माध्यम से एक आईएएस और एक आरएएस की जिंदगी खराब किया गया। एसीडी को सूची देकर जनप्रतिनिधियों को फंसाने के लिए कहा। आज सरकार की ड्यूटी बनती है कि फंसाए गए अधिकारियों के साथ न्याय किया जाए। वरना राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी कभी माफ नहीं करेगी।

दुकान की आड़ में ब्रांच चल रही: दिलावर
भाजपा के मदन दिलावर ने कहा कि पुलिस थानों में मामले दर्ज नहीं हो रहे। बड़ी संख्या में परिवाद लंबित पड़े हैं। शराब दुकान की आड़ में उनकी ब्रांच चल रही हैं। किसी पंचायत में एक दुकान है, तो उस पंचायत के सभी गांवों में ब्रांच खोलकर शराब बिक्री की जा रही है। बारां में एक क्षेत्र को हिन्दूविहीन करने की साजिश चल रही है। उसकी सरकार को जांच करानी चाहिए।

वहीं विधायक सुरेश मोदी ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्यभर में जनमत संग्रह कराया जाए। जिससे पता चलेगा प्रदेश की जनता क्या चाहती है। आज परिवार की आमदनी बच्चों के लालन-पालन के बजाय शराब पर खर्च हो रही है।

ये विधायक भी बोले
भाजपा के विमल कुमावत ने कहा कि पुलिस थानों में जवानों की नफरी बढ़ाई जाए। राजनीतिक दखल कम हो। कांग्रेस के गजराज खटाणा ने कहा कि आज प्रदेश में बजरी सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। राजस्थान के रास्ते गुजरात शराब जा रही है। इसे रोका जाए। पूर्ण शराबबंदी लागू नहीं की जाए। इसे लागू किया गया तो नए अपराधों को जन्म मिलेगा।

कांग्रेस के मेवाराम जैन ने कहा कि आज भू-माफिया और बजरी माफिया से प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। 80 फीसदी अपराध इसी वजह से हो रहे हैं। भाजपा की सूर्यकांता व्यास ने महिलाओं के गले से चेन तोडऩे और बच्चियों के साथ आए दिन दुष्कर्म की हो रही घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर की।

Updated on:
23 Jul 2019, 12:38 PM IST
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