जयपुर

मोबाइल कनेक्शन में गिरावट: देश में 2.5% और राजस्थान में 3% उपभोक्ता घटे, महंगे टैरिफ से कंपनियां परेशान

देश में मोबाइल कनेक्शन में 2.5 प्रतिशत और राजस्थान में 5 साल में 3 प्रतिशत की गिरावट हुई है। महंगे टैरिफ और दो सिम रखने की झंझट से उपभोक्तों की संख्या घटी है, जिससे कंपनियां चिंतित हैं।
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Updated: 24 Sep 2025, 8:02 AM IST
Mobile connections decline
Mobile connections decline (Patrika Photo)

जयपुर: राजस्थान में मोबाइल उपभोक्ताओं की घटती संख्या ने टेलीकॉम कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, यह गिरावट राजस्थान ही नहीं, पूरे देश में हो रही है। पिछले पांच साल में राजस्थान की टेलीडेंसिटी 83.08 प्रतिशत (वर्ष-2021) से घटकर 80.03 प्रतिशत (वर्ष-2025) पर आ गई है। यानी करीब तीन प्रतिशत की कमी हुई है।


विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल टैरिफ बढ़ने और दो सिम रखने में आने वाली परेशानी इसका मुख्य कारण है। पहले उपभोक्ता अलग-अलग कंपनियों के ऑफर का लाभ लेने के लिए दो कनेक्शन रखते थे, लेकिन अब महंगे पैक और कड़े नियमों के चलते अतिरिक्त कने€शन छोड़ दिया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है।


यह है टेलीडेंसिटी


टेलीडेंसिटी का मतलब प्रत्येक सौ लोगों में मोबाइल कनेक्शन संख्या कितनी है। मसलन, राजस्थान की टेलीडेंसिटी 80.03 प्रतिशत है, यानी जनसंख्या अनुपात में 80 प्रतिशत लोग दूरसंचार सेवा से जुड़े हुए हैं या उनमें से इतने कनेक्शन हैं।


आधारभूत ढांचा, कॉल ड्राप जैसी परेशानियां बरकरार


-नेटवर्क समस्या और कॉल ड्राप बढ़ी
-दावे के अनुसार डेटा स्पीड नहीं, एक इलाके में संसाधन के अनुपात में ज्यादा उपभोक्ता होना भी एक कारण है।
-मोबाइल ऑपरेटरों का इन्फ्रास्ट्र€चर बहुत ज्यादा अपग्रेड नहीं, लेकिन उपभोक्ता संख्या और डेटा उपयोग जरूर तेजी से बढ़ा है।


टेलीडेंसिटी में अंतर और राज्यों की तुलना


-उत्तर प्रदेश में साल 2021 में 69.17 और साल 2025 में 66.92 प्रतिशत।
-पंजाब में साल 2021 में 126.05 और साल 2025 में 111.71 प्रतिशत।
-गुजरात में साल 2021 में 100.17 और साल 2025 में 93.25 प्रतिशत।
-पश्चिम बंगाल में साल 2021 में 85.46 और साल 2025 में 81.83 प्रतिशत।
-हरियाणा में साल 2021 में 96.28 और साल 2025 में 88.45 प्रतिशत।
-महाराष्ट्र में साल 2021 में 108.45 और साल 2025 में 103.02 प्रतिशत।
-हिमाचल प्रदेश में साल 2021 में 148.72 और साल 120.60 प्रतिशत।


इस तरह है टेलीडेंसिटी


-साल 2021 में देश में 88.51 और साल 2025 में 86.15 प्रतिशत।
-साल 2021 में राजस्थान में 83.08 और साल 2025 में 80.03 प्रतिशत।
-राजस्थान में वर्तमान में टेलीडेंसिटी देश की औसत के मुकाबले 6.12 प्रतिशत कम है।
-हिमाचल प्रदेश में 28.12 प्रतिशत की टेलीडेंसिटी में गिरावट दर्ज हुई।
-पंजाब में 14.34 प्रतिशत की टेलीडेंसिटी में गिरावट दर्ज हुई।
-केरल में 9.83 प्रतिशत की टेलीडेंसिटी में गिरावट दर्ज हुई।

Updated on:
24 Sep 2025, 8:02 AM IST
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