Monsoon in Rajasthan : राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 6 सितंबर तक हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
Monsoon in Rajasthan : राज्य के कई हिस्सों में तीन सितंबर से ही भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के तीव्र होने के कारण डिप्रेशन तंत्र विकसित हो गया है, जिससे राजस्थान में भारी बारिश की संभावना बढ़ गई है। जयपुर में मंगलवार देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है।
राजस्थान के 31 जिलों में बारिश (Heavy Rain) की संभावना को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें टोंक, जयपुर, सीकर, नागौर, अजमेर, डूंगरपुर, सवाईमाधोपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, बूंदी, बारां, कोटा, और झालावाड़ शामिल हैं। इन जिलों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं।
पिछले 24 घंटों में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain) हुई है। बाड़मेर के गुढ़ामलानी में 96 एमएम, धोरीमन्ना में 70 एमएम, और जोधपुर के देचूं में 82 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, और भीलवाड़ा समेत अन्य जिलों में भी अच्छी खासी बारिश (Heavy Rain) हुई है।
नागौर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। वहीं, धौलपुर में दो युवक नदी में डूब गए हैं और उनकी तलाश जारी है। बांसवाड़ा में भी माही बजाज सागर बांध के आठ गेट खोल दिए गए हैं, जिससे स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
राजस्थान में इस मानसून के दौरान पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक पानी की आवक हुई है। राज्य के जल संसाधन विभाग के अनुसार, पिछले 60 दिनों में 269 बांध पूरी तरह से भर चुके हैं और 300 बांधों में पानी की आवक जारी है।
धौलपुर में पार्वती बांध के दो गेट खोले गए हैं और बांसवाड़ा में माही बजाज सागर बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई है। हाल ही में बांसवाड़ा में तेज बारिश के कारण बांध पूरी तरह भर गया था।
राजस्थान में चल रहे मानसूनी मौसम के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और सभी को सुरक्षित रहने के निर्देश दिए हैं।