Monsoon in Rajasthan : राजस्थान में मानसून की बारिश ने तेजी पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में भारी बारिश हो सकती है।
Monsoon in Rajasthan : राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के दौर ने पश्चिमी राजस्थान को तरबतर कर दिया है, और अब पूर्वी राजस्थान भी इसका शिकार हो रहा है। मौसम केंद्र ने आज से बारिश के तीव्र दौर (Heavy Rain) के थमने की घोषणा की है, लेकिन इस बीच कई क्षेत्रों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) जारी है। मौसम विभाग ने आज जयपुर , जयपुर शहर , अलवर ,भरतपुर , करोली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है
आगामी एक सप्ताह (9 अगस्त से 15 अगस्त तक) पूर्वी राजस्थान में मेघगर्जन के साथ बारिश (Heavy Rainfall) की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इस दौरान भारी बारिश (Heavy Rain) होने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी प्रथम सप्ताह के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, यहां बारिश की तीव्रता पूर्वी राजस्थान की तुलना में कम रहने की संभावना है।
द्वितीय सप्ताह (16 अगस्त से 22 अगस्त तक) भी राज्य में सामान्य से अधिक वर्षा (Heavy Rainfall) होने की संभावना है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान में जमकर बारिश के बाद, नया सिस्टम अब पूर्वी राजस्थान की ओर बढ़ चुका है। भरतपुर के नदबई में पिछले 24 घंटे में 12 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि करौली और धौलपुर में 8-8 इंच बारिश हुई है। इससे दाैसा, अलवर, भरतपुर और डीग जैसे जिलों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है। इस बारिश के सिस्टम के 5 से 7 दिनों तक एक्टिव रहने की संभावना जताई जा रही है।
जोधपुर संभाग में 9 से 10 अगस्त तक बारिश की गतिविधियों में इजाफा होने की संभावना है। दक्षिणी हरियाणा और उसके आसपास बने परिसंचरण तंत्र की वजह से यह बारिश और भी प्रभावी हो सकती है। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी का अलर्ट जारी किया है, जिसमें जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग भी शामिल हैं।
जैसलमेर में हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं। पानी की कमी से जूझ रहे इस जिले में 148 फीसदी अधिक बारिश हुई है। वहीं, पाली में भी 20 गांवों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। यहाँ तक कि 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रेस्क्यू किया गया है।
मौसम की इस उथल-पुथल को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों को तेज करने की जरूरत है। प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए विशेष टीमों को तैनात किया है और प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुँचाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इस बीच, स्थानीय निवासियों को भी सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश से जहां एक ओर जनजीवन प्रभावित हो सकता है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह लाभदायक साबित हो सकती है। अच्छी बारिश से फसलों को पानी मिलने से उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने भारी बारिश (Heavy Rain) को देखते हुए सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है। साथ ही, नदियों और तालाबों के आसपास सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।