उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर सांसद राजकुमार रोत, विधायक उमेश डामोर और कलेक्टर पर बैठक बिगाड़ने व धमकाने के आरोप लगाए।
जयपुर: भाजपा के उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत, आसपुर विधायक उमेश डामोर और डूंगरपुर के जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने मिलकर डूंगरपुर में हुई एक बैठक को खराब करने की साजिश की और उन्हें धमकाया।
मन्नालाल रावत पहली बार उदयपुर से सांसद चुने गए है। डूंगरपुर में यह बैठक 29 दिसंबर को हुई थी। इस बैठक का उद्देश्य (टीएसपी) आदिवासी इलाकों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जांच करना था। रावत ने पत्र में बताया कि बैठक तय मुद्दों से हटकर चलने लगी। इसका इस्तेमाल राज्य सरकार के खिलाफ करने और राजनीतिक मंच बनाने के लिए किया गया। बैठक के सचिव जिला कलेक्टर ने भी व्यवस्था नहीं संभाली।
रावत ने राजकुमार रोत, उमेश डामोर और कलेक्टर अंकित कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये लोग अपने काम में लापरवाही बरत रहे। रावत ने लिखा कि समिति के अध्यक्ष राजकुमार रोत का फर्ज था कि बैठक सिर्फ तय एजेंडे पर चले। लेकिन जब गलत मुद्दे उठाए गए तो कलेक्टर चुप रहे और कुछ नहीं किया।
मन्नालाल रावत ने बताया कि जब एजेंडे से बार-बार भटका रहे थे। जिसके बाद उन्होंने बीच में बोला और उन्होंने सदस्यों को नियम याद दिलाए, एजेंडा दिखाया और बैठक को सही तरीके से चलाने की बात कही। इसके बाद इसमें विवाद हो गया। अध्यक्षता कर रहे सांसद रोत ने गुस्से में इसकी प्रतिक्रिया दी। जिसके बाद मन्नालाल रावत ने कहा कि राजकुमार रोत ने प्रक्रिया के बजाय भरी बैठक में उन्हें चुप कराने और धमकाने की कोशिश की। जिसके बाद रावत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने विधायक उमेश डामोर पर भी धमकी देने और डराने का आरोप लगाया।