जयपुर

कम्पोस्ट मना करने वाले होटलों पर एक्शन लेगा नगर निगम, 100 से ज्यादा बड़े होटल और अस्पतालों को दिए नोटिस

स्वच्छता को लेकर एक्शन में नगर निगम, 1 दर्जन परिसर में ही अपशिष्ट से बनाएंगे खाद, कम्पोस्ट मना करने वाले 2 होटलों पर होगा एक्शन
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Dec 11, 2017
 Municipal corporation taking action on Hotels for refusing to compost

जयपुर। स्वच्छता को लेकर नगर निगम की सख्ती काम आने लगी है। निगम ने 100 से ज्यादा बड़े होटल व अस्पतालों को नोटिस थमाए तो ज्यादातर ने कम्पोस्ट मशीन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें से 12 होटल संचालकों ने मशीन मंगाने के कार्यादेश भी दे दिए हैं। इनमें होटल रामबाग, क्राउन प्लाजा से लेकर अन्य तीन से पांच सितारा होटल शामिल है। ऐसे होटल परिसर से निकलने वाले खाद्य व अन्य कचरे का निस्तारण उसी परिसर में होगा और उससे बनने वाली खाद का उपयोग भी वहीं हो सकेगा या फिर वे बेच सकेंगे। इस बीच दो होटल संचालकों ने कम्पोस्ट मशीन लगा पाने में असमर्थता जता दी। इस पर निगम उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे होटल, रेस्टोरेंट व ढाबों से हर दिन 100 टन से ज्यादा फूड वेस्ट (खाद्य कचरा) निकल रहा है।

15 दिसम्बर बाद लाइसेंस निरस्त होगा -

नगर निगम ने ऐसे सभी होटल, अस्पताल, रेस्टोरेंट संचालकों को दो टूक निर्देश दे दिए हैं कि 15 दिसम्बर से पहले तक कम्पोस्ट मशीन लगाने या कार्यादेश देने की स्थिति साफ नहीं की गई तो उनका निगम की ओर से दिया जाने वाला लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। इस मामले में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यहीं कारण है कि सभी को नोटिस पत्र भी जारी कर दिए गए हैं।

इन्होंने जल्द लगाने का दिया आश्वासन :

होटल रामबाग, क्राउन प्लाजा, होटल राज विलास, लेबुआ, होटल फर्न, बेलाकासा, द थीम, हाईफन, होटल होलीडे इन, फोर्चयुन सलेक्ट, क्लार्क्स आमेर, होटल लेमन ट्री सहित अन्य कई होटल संचालकों ने जल्द कम्पोस्ट मशीन लगाने के लिए कहा है।

यहां से आई ना :

निगम अधिकारियों के मुताबिक होटल माया इंटरनेशनल, पार्क इन ने मशीन लगा पाने में असमर्थता जताई है, जो प्रावधान के विपरीत है। ऐसे होटल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।

अस्पतालों पर भी बंदिश :

सवाईमानसिंह अस्पताल, फोर्टिस, इटरनल, संतोकबा दुर्लभजी, नारायणा हृदालय, सोनी सहित कई बड़े अस्पतालों को भी तत्काल कम्पोस्ट मशीन लगाने के लिए कहा गया है।

पालना नहीं तो 1 लाख रुपए जुर्माना, 5 साल की सजा :

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत 1 लाख रुपए का जुर्माना या 5 साल का कारावास अथवा दोनों सजा का प्रावधान है।

फैक्ट फाइल —

1 कम्पोस्ट प्लांट है सेवापुरा डंपिंग स्टेशन पर निगम का —250 टन प्रतिदिन कचरा संग्रहण की क्षमता है प्लांट की —50 टन प्रतिदिन उत्पादन की क्षमता —175 टन कचरे का हर दिन ले रही है कंपनी अभी —20 प्रतिशत बनती है खाद —2 माह का लगता है समय इस प्रक्रिया में।

Published on:
11 Dec 2017 01:15 pm