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Smart Infrastructure: डेनमार्क मॉडल से राजस्थान के शहर होंगे हाईटेक, स्मार्ट और जल-सुरक्षित शहरों पर जोर

Waste Water Management: डेनमार्क दौरे पर मंत्री खर्रा ने समझी विश्वस्तरीय तकनीक। जल संरक्षण से स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तक, डेनमार्क से राजस्थान के लिए नए विजन की शुरुआत।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

May 08, 2026

Rajasthan Urban Development

Photo patrika

Rajasthan Urban Development: जयपुर। राजस्थान में भविष्य के आधुनिक और स्मार्ट शहर विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग वैश्विक तकनीकों और आधुनिक शहरी मॉडल को अपनाने की दिशा में नई पहल कर रहा है। इसी क्रम में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा की डेनमार्क यात्रा राजस्थान के शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

शहरों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक बनाएंगे

इस यात्रा के दौरान कोपेनहेगन से लेकर Aarhus तक विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों और तकनीकी संवादों में जल संरक्षण, स्मार्ट शहरी प्रबंधन, जलवायु अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर, अपशिष्ट जल प्रबंधन और नागरिक केंद्रित विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री खर्रा ने कहा कि विश्वस्तरीय तकनीकों और बेहतर शहरी योजनाओं के माध्यम से राजस्थान के शहरों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक बनाया जाएगा।

भारत के राजदूत के साथ की बैठकें

यात्रा के दौरान डेनमार्क में भारत के राजदूत मनीष प्रभात सहित डेनमार्क सरकार के विभिन्न विभागों, जल विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित हुईं। इन बैठकों में डेनमार्क के उन मॉडलों का अध्ययन किया गया, जिन्होंने देश को सतत शहरी विकास के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई है।

डेनमार्क के पर्यावरण मंत्रालय में आधुनिक जल संरक्षण प्रणाली, एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन और भविष्य उन्मुख शहरी नियोजन मॉडल को समझा गया। वहीं Aarhus Municipality Office के दौरे के दौरान ई-गवर्नेंस, स्मार्ट सिटी मैनेजमेंट और तकनीक आधारित शहरी प्रशासन प्रणाली का गहन अध्ययन किया गया।

वर्षा जल संचयन, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज ​का किया अवलोकन

इस दौरान वर्षा जल संचयन, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज और शहरी बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों को राजस्थान के शहरों में लागू कर जल संकट और शहरी बाढ़ जैसी समस्याओं से प्रभावी तरीके से निपटा जा सकता है।

“State of Green” अध्ययन दौरे में डेनमार्क की क्लाइमेट रेजिलिएंट तकनीकों, आधुनिक जल आपूर्ति प्रणाली और अपशिष्ट जल प्रबंधन मॉडल को करीब से समझा गया। यात्रा के निष्कर्षों में यह स्पष्ट हुआ कि तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर शहरी नियोजन के समन्वय से ही भविष्य के टिकाऊ और सुरक्षित शहर बनाए जा सकते हैं।

राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसे आधुनिक शहर विकसित करना है जो स्वच्छता, जल सुरक्षा, हरित विकास और नागरिक सुविधाओं के नए मानक स्थापित करें। मंत्री खर्रा की यह यात्रा राजस्थान के शहरी विकास को अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से जोड़ने वाली दूरदर्शी पहल के रूप में देखी जा रही है।