जयपुर

Municipal Elections: राजस्थान में आखिर क्यों टल रहे हैं नगर निकाय चुनाव? सरकार ने बताया देरी का राज

Local Body Elections: ओबीसी के आंकड़ों ने रोकी निकाय चुनाव की राह, सरकार ने बताई बड़ी वजह। ओबीसी आरक्षण की शर्त बनी चुनाव में बाधा, अब आगे क्या होगा? ओबीसी जनसंख्या के आधिकारिक आंकड़े नहीं होने से निकाय चुनाव में देरी

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Mar 10, 2026
Rajasthan Panchayat elections
प्रतीकात्मक तस्वीर

Rajasthan Politics: जयपुर. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया जरूरी शुरू की है।
प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में हो रही देरी को लेकर नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विधानसभा में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जनसंख्या के आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण निकाय चुनाव की प्रक्रिया में विलंब हो रहा है।

मंत्री ने बताया कि विभिन्न राज्यों के अन्य पिछड़ा वर्ग आयोगों की ओर से ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण देने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारों को ओबीसी की जनसंख्या के अधिकृत आंकड़े राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से प्राप्त करने होंगे। इन आंकड़ों को राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत किए जाने के बाद ही ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में ओबीसी जनसंख्या के आधिकारिक और प्रमाणित आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में समय लग रहा है। सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रही है।

नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि अन्य पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक आरक्षण प्रदान कर नगर निकायों में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए आवश्यक आंकड़े एकत्रित करने और प्रक्रिया पूरी करने पर काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में निकाय चुनाव सुचारू रूप से कराए जा सकें।

Published on:
10 Mar 2026 08:22 pm