
जयपुर। प्रदेश में दो माह बाद होने वाले जा रहे विधानसभा चुनाव में टिकट की भागीदारी को लेकर मुस्लिम संगठनों ने भी ताल ठोक दी है। प्रदेश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों के संयुक्त मंच राजस्थान मुस्लिम फोरम ने धर्म निरपेक्ष राजनीतिक दलों से मुसलमानों को आबादी के अनुपात में टिकट देने की मांग की है। फोरम का कहना है कि विधानसभा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का घटता अनुपात देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है। फोरम के संयोजक क़ारी मुईनुद्दीन, मुहम्मद नाज़िमुद्दीन, हाफिज अबरार अहमद, एडवोकेट पैकर फ़ारूक़, ने कहा कि राजनीतिक दलों को मुसलमानों सहित सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। राजनीतिक दलों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मात्र जिताऊ उम्मीदवार के नाम पर साम्प्रदायिक एवं आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को टिकट न दिया जाए। राजस्थान मुस्लिम फोरम की मांग है कि विधानसभा चुनाव में टिकट ऐसे प्रत्याशियों को दिए जाएं जो अल्पसंख्यकों, वंचितों, कमज़ोरों, मज़लूमों और विशेषकर मुसलमानों की समस्याओं और मुद्दों की समझ रखते हों और उन्हें हल कराने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए विधानसभा और पार्टी के मंच पर पुरजोर आवाज उठा कर समाधान करा सकें। फोरम ने राजनीतिक दलों को सलाह दी कि अपने घोषणा पत्रों में अल्पसंख्यकों एवं वंचितों की सुरक्षा, शिक्षा एवं रोज़गार आदि के मुद्दों को समाहित करने के लिए मुस्लिम एवं वंचित वर्गों के प्रतिनिधियों से सलाह लें।