जयपुर

NEET Exam Paper Leak : गिरफ्तार दिनेश बिवाल का BJP कनेक्शन ! क्या 30 लाख में हुआ था सौदा?

राजस्थान में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला अब पूरी तरह राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया है कि गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल भाजपा का सक्रिय नेता है।
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May 13, 2026
Dinesh Biwal NEET Paper Leak
Dinesh Biwal NEET Paper Leak

राजस्थान में NEET पेपर लीक की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसके तार रसूखदार गलियारों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस मामले में हुई ताजा गिरफ्तारी ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। कांग्रेस ने सीधा आरोप लगाया है कि पेपर लीक का आरोपी दिनेश बिवाल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पदाधिकारी है। कांग्रेस के इस 'आक्रमण' ने इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार बनाम जीरो टॉलरेंस की जंग में बदल दिया है।

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दिनेश बिवाल की तस्वीर

दिनेश बिवाल की तस्वीरें वायरल

कांग्रेस के नेताओं ने दिनेश बिवाल की कुछ तस्वीरें और पोस्टर साझा किए हैं, जिनमें वह भाजपा के झंडे और बड़े नेताओं के साथ नजर आ रहा है।

  • पद का दावा: शेयर की गई तस्वीर में दिनेश ने खुद को "जिला मंत्री, जयपुर जिला देहात, भाजपा युवा मोर्चा" बताया है।
  • 9 दिन का 'मौन' क्यों? जूली ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अपने ही नेता को बचाने के लिए राजस्थान सरकार ने 9 दिनों तक FIR दर्ज नहीं की और मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की?

30 लाख रुपए और पेपर माफिया का जाल

दिनेश बिवाल - File PIC

दिनेश बिवाल पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों और पुलिस जांच के हवाले से दावा किया जा रहा है कि:

पेपर की खरीद: दिनेश ने कथित तौर पर 30 लाख रुपए में नीट का पेपर खरीदा था।

नेटवर्क का विस्तार: पेपर खरीदने के बाद उसने इसे कई व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य अभ्यर्थियों तक पहुँचाया।

मास्टरमाइंड की भूमिका: उसे इस पेपर माफिया नेटवर्क की एक अहम कड़ी माना जा रहा है जो कोचिंग संस्थानों और अभ्यर्थियों के बीच 'पुल' का काम करता था।

वायरल तस्वीरें और शहर के होर्डिंग्स

होर्डिंग पर दिनेश बिवाल की तस्वीर

कांग्रेस के आरोपों को बल दिनेश बिवाल की उन पुरानी तस्वीरों से मिल रहा है जो अब सोशल मीडिया पर 'आग' की तरह वायरल हैं।

  • नेताओं के साथ मौजूदगी: दिनेश कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करते और कार्यक्रमों में नजर आ रहा है।
  • शहर में पोस्टर: जयपुर और आसपास के इलाकों में लगे पुराने होर्डिंग्स में भी दिनेश को भाजपा नेता के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया है। इन विजुअल सबूतों ने भाजपा को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है।
भाजपा नेताओं के साथ दिनेश बिवाल

कांग्रेस का घेराव: "जीरो टॉलरेंस का क्या हुआ?"

कांग्रेस अब इसे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि जो भाजपा सरकार पेपर लीक पर 'बुलडोजर' चलाने की बात करती थी, उसके अपने ही आंगन में पेपर माफिया पल रहे हैं।

Rajasthan Congress - File PIC
  • निष्पक्ष जांच की मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की जांच में किसी भी राजनीतिक दबाव को हावी न होने दिया जाए।
  • इस्तीफे की गूँज: विपक्षी नेता अब इस नैतिक जिम्मेदारी को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।

भाजपा का रुख: पल्ला झाड़ने की कोशिश?

हालांकि भाजपा की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक बड़ा बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी के भीतर से यह आवाज उठ रही है कि आरोपी का किसी भी दल से संबंध हो, कानून अपना काम करेगा। अक्सर ऐसे मामलों में पार्टियां आरोपी को अपना सदस्य मानने से इनकार कर देती हैं या पुराना बताकर पल्ला झाड़ लेती हैं।

छात्रों के भविष्य पर राजनीति का साया

NEET रद्द होने से 24 लाख छात्र पहले से ही सदमे में हैं, और अब इस पर हो रही 'राजनीति' ने मामले को और उलझा दिया है। अगर दिनेश बिंवाल का भाजपा कनेक्शन सच साबित होता है, तो यह प्रदेश की भजनलाल सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। क्या सरकार अपने 'अपनों' पर कठोर कार्रवाई कर पाएगी?

Updated on:
13 May 2026 05:06 pm
Published on:
13 May 2026 12:49 pm