27 साल तक वसूला जाएगा टोल

उदयपुर-ब्यावर वाया नेगडिया-गोमती राष्ट्रीय राजमार्ग-आठ से गुजरने वालों के लिए झटका देने वाली खबर है। 
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Updated: 8 Dec 2015, 10:23 PM IST
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उदयपुर-ब्यावर वाया नेगडिया-गोमती राष्ट्रीय राजमार्ग-आठ से गुजरने वालों के लिए झटका देने वाली खबर है।


उक्त फ्लाईओवर पर निजी चारपहिया वाहनों से प्रतिदिन आने-जाने वाले नौकरी पेशा लोगों को 27 वष्ाü तक सुविधा के उपयोग का टोल चुकाना होगा।

करीब 11 सौ करोड़ की लागत से निर्मित 79.03 किलोमीटर लंबी इस सड़क के उपयोग पर स्थानीय लोगों को भी जेब ढीली करनी होगी। हालांकि स्थानीय लोगों के लिए यहां नियमित पास एवं रियायत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

नजदीक से गुजरने वाले स्थानीय लोगों से टोलकर्मियों के साथ उलझने का सिलसिला पहले दिन से ही शुरू हो गया है। इधर, निर्घारित निर्माण लागत 914 करोड़ की बजाए यहां लगभग एक हजार 97 करोड़ की लागत निर्माण में लगाई जा चुकी हैं।

ऎसे में टोल वसूली के वष्ाोü के आगे बढ़ाए जाने से इनकार नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि श्रीनाथजी उदयपुर टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड यहां टोल वसूली एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की जवाबदेही पूरी करेगा।

सद्भाव इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लिमिटेड के सान्निध्य में यहां सड़क विकास कार्य को अंजाम दिया गया है। यहां आरभी कंसल्टेंट एजेंसी की ओर से आईई (इंडीपेन्ड इंजीनियर) सेवाएं दे रहे हैं।

साहब, फोन ही नहीं उठातेभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं टोल अधिकारियों की सुविधाओं पर गौर करें, तो आलम यह है कि व्यवस्था संचालन को लेकर प्रकाशित विज्ञापन पर दिए गए नंबरों का फोन उठता नहीं है।

प्राधिकरण के परियोजना निदेशक अनुपम गुप्ता स्वयं ही अज्ञात नंबरों पर बातचीत करने से परहेज करते हैं। ऎसा ही हाल कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधि आईई एमसी जेकब का भी है। स्वतंत्र अभियंता भी यहां पर फोन उठाने से बचते हैं।

प्रकाशित नंबरों में एक मात्र रियायत देने वाला अधिकारी ही, जो दूरभाष्ा नंबर पर बात करने को तैयार रहता है। इधर, प्राधिकरण के अन्य अधिकारी राजमार्ग की खामियों के मामले में स्वयं के अधिकृत नहीं होने की दलीलें ज्यादा देते हैं।

69 करोड़ में एलिवेटेड रोडप्राधिकरण की देखरेख में यहां 69.23 करोड़ की लागत से मात्र टोल-वे कंपनी की एलिवेटेड रोड ही बन सकी है। वहीं चिरवा सुरंग हिस्सा निर्माण में एक अरब 83 करोड़ की लागत आई है।

इधर, भोपालपुरा स्थित आईई कार्यालय दूरभाष्ा पर हुई बातचीत में आईई एमसी जेकब ने बताया कि वह किसी भी मामले में जवाब देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इस प्रकार एनएचएआई के अधिकारियों का भी मिला-जुला जवाब रहा।
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