Nirjala Ekadashi 2023: ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी बुधवार को निर्जला एकादशी (निर्जला ग्यारस) के रूप में मनाई जाएगी। सवार्थसिद्धि, रवि येाग, कुमार योग और राजयोग में मनाई जाने वाली इस एकादशी को वर्ष की 26 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
Nirjala Ekadashi 2023: ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी बुधवार को निर्जला एकादशी (निर्जला ग्यारस) के रूप में मनाई जाएगी। सवार्थसिद्धि, रवि येाग, कुमार योग और राजयोग में मनाई जाने वाली इस एकादशी को वर्ष की 26 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने पर अन्य सभी एकादशियों के व्रत के बराबर फल प्राप्त होता है।
यह भी पढ़ें : कब है गंगा दशहरा, जानें इसका शुभ मुहूर्त और महत्व
इस मौके पर गोविंददेवजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में ठाकुरजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। उन्हें आम, तरबूज व खरबूजा सहित अन्य ऋतु फल अर्पित किए जाएंगे। जल यात्रा उत्सव सहित अन्य विशेष झांकियां भी सजाई जाएंगी। साथ ही विभिन्न संगठनों-संस्थाओं की ओर से जगह-जगह स्टॉल लगाकर शर्बत आदि वितरित किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि निर्जला एकादशी मंगलवार दोपहर 1.09 मिनट से बुधवार दोपहर 1.47 तक रहेगी। इस दिन निराहार और निर्जला रहकर व्रत रखने पर आरोग्य की वृद्धि के साथ ही उत्तम लोक (मोक्ष) की प्राप्ति होती है। वहीं, पूर्वजों की स्मृति में जल से भरे मटके व कलश दान करने का विशेष महत्व है। अखंड सौभाग्य की कामना के साथ महिलाएं जल से भरे घड़े दान करेंगी।