जयपुर

गौरव यात्रा वाले दिन नहीं हो सरकारी शिलान्यास व लोकार्पण आयोजन

— हाईकोर्ट ने भाजपा की गौरव यात्रा पर सरकारी खर्च को लेकर दिया आदेश
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gaurav yatra
Rajasthan gaurav yatra

हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी की गौरव यात्रा पर सरकारी धन के खर्च को रोकने के लिए निर्देश दिया है कि यात्रा के दिन उस जगह ऐसे शिलान्यास व लोकार्पण सहित अन्य सरकारी कार्यक्रम नहीं हों, जिनमें मुख्यमंत्री शामिल हो।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश जी आर मूलचंदानी की खण्डपीठ ने डॉ. विभूति भूषण शर्मा व सवाई सिंह की जनहित याचिकाओं को निस्तारित करते हुए बुधवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिछले दिनों सभी पक्षों की सुनवाई कर ली थी। कोर्ट ने फैसले में कहा कि बेरीकेट्स के लिए निविदा तो मुख्यमंत्री की सुरक्षा से सम्बन्धित है। कोर्ट ने सभा के लिए व्यवस्थाएं करने पर सवाल उठाया। साथ ही, सरकार की बात को सही माना जाए तो यात्रा ठहरने पर सरकारी कार्यक्रम का आयोजन होता है। ऐसे में दोनों को अलग किया जाना संभव नहीं है। ऐसे में यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है तो उससे समझ में आता है कि राजनीतिक दल का महिमामंडन होता है, सरकार की उपलब्धियों का प्रचार प्रसार नहीं होता है। कोर्ट ने कॉमन कॉज मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर कहा कि गौरव यात्रा या पार्टी के रोड शो के दौरान सरकारी खर्च पर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजन नहीं हो सकते।
यात्रा के दौरान सरकारी कार्यक्रम से पार्टी का महिमामंडन
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि सरकार न केवल कानूनी बल्कि नैतिक रूप से जनता के प्रति जवाबदेह है। ऐसे में दुरुपयोग के किसी भी कृत्य से बचना चाहिए। सरकार यात्रा को पार्टी की मान चुकी है और यात्रा के दौरान सरकारी कार्यक्रम होने की बात भी स्वीकार की है। राजनीतिक कार्यक्रमों को संबोधित भी किया जा रहा है। सरकारी कार्यक्रम पर सरकार की ओर से खर्चा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल पर होने वाले खर्च पर किसी को आपत्ति नहीं है। सत्ता के दुरुपयोग से सीधे तौर पर राजनीतिक दल को फायदा होगा।
सरकार कर रही दुरुपयोग—याचिकाकर्ता
प्रार्थीपक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जी एस बापना व अधिवक्ता माधव मित्र शर्मा की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी जनता से सम्पर्क के लिए गौरव यात्रा निकाल रही है और रोड शो किए जा रहे हैं। अखबारों में विज्ञापन दिया गया है कि 40 दिन के भीतर प्रदेश के 165 विधानसभा क्षेत्रों में 6054 किलोमीटर यात्रा निकाली जाएगी, इस दौरान 134 सभाओं का आयोजन किया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने एक अगस्त 18 को गौरव यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री की सभाओं के आयोजन का बंदोबस्त करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे और जनसम्पर्क विभाग ने इनको कवर करने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही जनसम्पर्क अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी।
सरकार प्रोटोकॉल के तहत खर्च कर रही है
सरकार की ओर से महाधिवक्ता नरपतमल लोढा, अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कोर्ट को बताया था कि मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यात्रा चाहे सरकारी हो या निजी, मुख्यमंत्री के आयोजन के लिए बंदोबस्त करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इसी कारण खर्चा कर रही है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जा सकता। 6 अगस्त 18 को सार्वजनिक निर्माण विभाग ने आदेश वापस भी ले लिया है।
यात्रा का खर्च सरकार वहन करेगी
भाजपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए के शर्मा ने कोर्ट को बताया था कि यात्रा के दौरान टैंट, पानी व कूलर पर पार्टी की ओर से खर्चा किया जा रहा है। इनके बिल आ रहे हैं, भुगतान कर दिया जाएगा।

Published on:
05 Sept 2018 08:40 pm