AI for Policing: अब शिकायत डालो, AI खुद लगा देगा धारा- इंडिया एआई समिट 2026 में धमाका। Sovereign AI का जादू: पुलिस की मेहनत खत्म, FIR होगी ऑटोमैटिक - पुलिस वालों का मेंटल स्ट्रेस होगा गायब। AI बनेगा 'डिजिटल साथी।
Sovereign AI: जयपुर/नई दिल्ली. भारत एआई की दुनिया में इतिहास रच रहा है- जहां पहले FIR लिखने में घंटों लगते थे, अब सेकंडों में तैयार हो जाएगी। India AI Impact Summit 2026 (भारत मंडपम, नई दिल्ली) में सरकार ने Sovereign AI के तहत एक ऐसा टूल अनवील किया, जो पुलिस की जिंदगी बदल देगा। नागरिक की शिकायत AI में डालते ही रिलेवेंट IPC/CRPC सेक्शन खुद-ब-खुद चुन लिए जाएंगे और FIR का पूरा ड्राफ्ट तैयार हो जाएगा।
समिट के ऑफिशियल YouTube वीडियो "India Showcases Sovereign AI for Public Good at AI Impact Summit" में लाइव डेमो दिखाया गया। एक्सपर्ट ने कहा: "कंप्लेंट इनपुट करें, AI सेक्शन आइडेंटिफाई कर FIR बना देगा – यह पुलिस ऑफिसर्स की लाइफ इम्प्रूव करेगा!" यह टूल इंडियन भाषाओं में काम करता है, लोकल कानूनी सिस्टम पर फिट बैठता है और विदेशी AI पर निर्भरता खत्म करता है। MeitY और IndiaAI Mission के तहत Sovereign AI फ्रेमवर्क का यह हिस्सा है, जो गवर्नेंस को तेज, पारदर्शी और कुशल बनाएगा।
पहले पुलिस वाले को मैनुअल रिसर्च करनी पड़ती थी, सेक्शन ढूंढने में गलती का खतरा रहता था, और मेंटल स्ट्रेस चरम पर होता था। अब AI 'डिजिटल पार्टनर' की तरह काम करेगा – तुरंत सेक्शन मैच कर FIR ड्राफ्ट देगा। इससे जांच तेज होगी, गलतियां कम होंगी और आम नागरिक को न्याय मिलने में देरी नहीं होगी। समिट में इसे "AI for Public Good" के तहत हाइलाइट किया गया, जहां फोकस रिस्पॉन्सिबल AI और रियल-वर्ल्ड इम्पैक्ट पर था।
यह टूल अभी पायलट/डेमो स्टेज पर है, लेकिन जल्द पुलिस स्टेशन्स और e-FIR सिस्टम में इंटीग्रेट हो सकता है। समिट में अन्य AI टूल्स जैसे डीपफेक डिटेक्शन और प्रेडिक्टिव पोलिसिंग भी दिखे, लेकिन FIR जनरेशन ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि Sovereign AI से भारत न सिर्फ टेक में आगे बढ़ेगा, बल्कि गवर्नेंस को आम आदमी के लिए आसान बनाएगा। पुलिस का काम अब 'कागजी' नहीं, 'स्मार्ट' होगा – और न्याय की राह और छोटी हो जाएगी। यह सिर्फ एक टूल नहीं, भारत की डिजिटल क्रांति की नई शुरुआत है।