सबसे अहम घोषणा स्वच्छता को लेकर की गई है। अब शहरों की तर्ज पर गांवों में भी वाहन घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करेंगे। इससे गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत होगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होंगी।
village waste management: जयपुर. ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और मूलभूत सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने गांवों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि अब गांवों में भी आबादी क्षेत्र का नियोजित विस्तार किया जाएगा और पात्र लोगों को नियमों के अनुसार पट्टे जारी किए जाएंगे। ग्राम सेवा शिविरों में मिले आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण अभियान चलाकर किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को भटकना न पड़े।
बैठकों में देरी की समस्या को खत्म करने के लिए पंचायत स्तर पर सख्ती बरती जाएगी। प्रधान या सरपंच की अनुपस्थिति में उप प्रधान या वरिष्ठ सदस्य तय समय पर बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, वर्ष 2013 की लिपिक भर्ती में सामने आई अनियमितताओं की जांच अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप राजस्थान पुलिस (एसओजी) से कराई जाएगी। फर्जी अनुभव और अंकतालिकाओं के मामलों में दोषियों पर कार्रवाई होगी।
ग्रामीण प्रशासन को जमीन से जोड़ने के लिए अधिकारियों को हर माह चार बार गांवों में रात्रि चौपाल और रात्रि विश्राम करना अनिवार्य किया गया है। आदेशों की अनदेखी करने पर सरकारी वाहन वापस लेने जैसी कार्रवाई भी होगी।
स्वदेशी को बढ़ावा देते हुए विभागीय कार्यालयों में भारत निर्मित वस्तुओं का उपयोग अनिवार्य किया गया है। विदेशी वस्तुओं के उपयोग पर संबंधित अधिकारी से वसूली की जाएगी।
सबसे अहम घोषणा स्वच्छता को लेकर की गई है। अब शहरों की तर्ज पर गांवों में भी वाहन घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करेंगे। इससे गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत होगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होंगी। साथ ही, पट्टा आवंटन की वित्तीय सीमाएं तय कर पंचायतों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी।