जयपुर

मटके जैसा ठंडा पानी अब बैग में! जयपुर के बाजारों में मिट्टी की बोतलों की भारी डिमांड, जानें कीमत और फायदे

Earthen Bottles: चौराहों से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स तक, इन बोतलों की धूम मची हुई है।
2 min read
Mar 17, 2026
Clay Water Bottle Pic
Clay Water Bottle Pic

Jaipur News: भीषण गर्मी के दस्तक देते ही गुलाबी नगरी के बाजारों में शीतल जल के लिए जतन शुरू हो गए हैं। लेकिन इस बार खास बात यह है कि लोग फ्रिज के ठंडे पानी के बजाय अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। मिट्टी के घड़ों और सुराहियों का क्रेज तो हमेशा रहता है, लेकिन अब एक नया ट्रेंड 'मिट्टी की बोतलों' (Earthen Bottles) का शुरू हो गया है। जयपुर के चौराहों से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स तक, इन बोतलों की धूम मची हुई है।

सेहत और स्वाद का संगम: क्यों पसंद आ रही हैं ये बोतलें?

मिट्टी के बर्तनों में पानी पीने के फायदों को लेकर लोग अब काफी जागरूक हो गए हैं। मिट्टी में मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स न केवल पानी को शुद्ध करते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। इसी का परिणाम है कि अब लोग प्लास्टिक की बोतलों को छोड़कर मिट्टी की बोतलों को अपना रहे हैं। इन बोतलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखती हैं और इनमें सोंधी मिट्टी की महक बरकरार रहती है।

डिजाइन और कीमत: ऑनलाइन और ऑफलाइन में बड़ा अंतर

बाजार में ये बोतलें बेहद आकर्षक रूप में उपलब्ध हैं। इन पर फूल-पत्तियों की सुंदर चित्रकारी की गई है। पोर्टेबिलिटी के लिए इनमें प्लास्टिक के ढक्कन और ले जाने के लिए हैंगर भी लगाए गए हैं।

  • स्थानीय बाजार: जयपुर के बाजारों में इन बोतलों की कीमत 150 रुपये से 200 रुपये के बीच है।
  • ऑनलाइन मार्केट: डिमांड इतनी अधिक है कि ई-कॉमर्स साइट्स पर यही बोतलें 350 रुपये से लेकर 700 रुपये तक में बिक रही हैं।
  • अन्य बर्तन: काली और भूरी मिट्टी से बने मटकों की कीमत भी 50 रुपये से लेकर 400 रुपये तक है।उपयोग में बरतें सावधानी: फ्रिज में भी रख सकते हैंमाटी की बोतल बनाने वाले कारीगरों का कहना है कि इन बोतलों का रखरखाव थोड़ा सावधानी से करना पड़ता है। इन्हें बैग या वाहन में रखते समय सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है ताकि ये टकराकर टूट न जाएं। एक अच्छी बात यह है कि इन बोतलों को आप फ्रिज में भी रख सकते हैं, जिससे पानी की शीतलता और बढ़ जाती है। बर्तन बेच रहे व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार मिट्टी की सुराही, जग और बोतलों की मांग में भारी उछाल आया है। लोग अब 'माटी की ताजगी' को सफर के दौरान भी अपने साथ रखना चाहते हैं।
Updated on:
17 Mar 2026 11:20 am
Published on:
17 Mar 2026 11:20 am