सरकार ने जवाब दिया है कि नगरीय निकायों द्वारा जुलाई 2022 से जून 2024 तक 181.92 टन प्रतिबंधित प्लास्टिक की जब्ती कर 113.51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
जयपुर। आपको जानकर बड़ा आश्चर्य होगा कि पूरे राजस्थान में पिछले दो साल में 181 टन से अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक को जब्त किया गया है। साथ ही एक करोड़ से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। बावजूद इसके प्रतिबंधित प्लास्टिक की बिक्री व उपयोग में कोई कमी होती नजर नहीं आती है।
एक जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के उत्पादन, आयात, भण्डारण, वितरण, बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
विधानसभा में उठा यह मामला
दरअसल राजस्थान विधानसभा में यह मामला शुक्रवार को उठा। प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबन्ध है तो उपयोग पर कितनी कार्रवाई की गई? इस पर सरकार ने जवाब दिया है कि नगरीय निकायों द्वारा जुलाई 2022 से जून 2024 तक 181.92 टन प्रतिबंधित प्लास्टिक की जब्ती कर 113.51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के संबंध में ये किए अब तक के प्रयास
1-केन्द्रीय स्तर पर नेशनल टास्क फोर्स एवं राज्य स्तर पर स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
2- नेशनल टास्क फोर्स, स्पेशल टास्क फोर्स एवं केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की अनुपालना में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
3-प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के दुष्प्रभावों के संबंध में जन जागरूकता एवं जन भागीदारी के माध्यम से प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन करने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण करने वाली इकाईयों एवं इनके भंडारण, विक्रय एवं परिवहन के संबंध में जानकारी प्रदान करने वाले नागरिकों के लिए पारितोष योजना दिनांक 26.04.2023 एवं 27.06.2024 भी जारी की गई है।
4-नगरीय निकायों द्वारा नियमित रूप से विभिन्न सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के माध्यम से प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिए आम जन को जागरूक किया जाता है।