
जयपुर। राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लेकर गुरुवार को विधानसभा में कोई निर्णय नहीं हो पाया। दरअसल विधानसभा में जब वित्त विभाग से जुड़े सवाल का नम्बर आया तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वित्त मंत्री आज अति व्यस्त हैं, इसलिए यह सवाल स्थगित किया जाता है।
विधानसभा में आज यह सवाल पूछा गया था कि क्या यह सही है कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रदेश में वर्ष 2004 के पश्चात नियुक्त राज्य कर्मियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ दिया गया है? योजना में कितने कार्मिक लाभान्वित हुए? क्या सरकार राज्य कर्मचारियों की नवीन पेंशन योजना के तहत कटौती किए गए अंशदान की राशि केन्द्र सरकार से प्राप्त कर कार्मिकों के जीपीएफ खातों में जमा करवाने का विचार रखती है? क्या सरकार पुरानी पेंशन योजना को यथावत रखने का विचार रखती हैं?
डोटासरा बोले, लिखकर दे दें "सरकार जवाब देने में सक्षम नहीं "
ओपीएस का जब सवाल आया तो विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज एक अगस्त को केन्द्रीय वित्त आयोग का दल राजस्थान दौरे पर है। इसमें प्रदेश की विस्तृत कार्ययोजना उनके समक्ष प्रस्तुत की जानी है। इसमें वित्त मंत्री, वित्त विभाग के अधिकारी व समस्त टीम अत्यधिक व्यस्त रहने के कारण वित्त विभाग से जुड़े प्रश्न स्थगित किया जाता है।
इस पर प्रश्न लगाने वाले विधायक ने कहा, आपने जो निर्णय किया वो मान्य है। लेकिन मेरा निवेदन है कि यह प्रश्न इस सत्र में लग जाए। इसी सत्र में इसका जवाब आना चाहिए। इस दौरान विधायक गोविन्द डोटासरा ने कहा कि वित्त्त से संबंधित प्रश्न किया है। सरकार यह लिखकर दे सरकार जवाब देने में सक्षम नहीं है। इसके बाद कुछ समय तक विधानसभा में हंगामा हुआ।
Updated on:
01 Aug 2024 02:16 pm
Published on:
01 Aug 2024 02:14 pm

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