Rajasthan Budget 2025-26 : पेट्रोल की कीमतों पर सरकार चुप क्यों? पांच दिन दूध का वादा, मगर पिछले बजट का पैसा गया कहां? डोटासरा ने पूछे तीखे सवाल।
जयपुर। राजस्थान के बजट को लेकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य बजट में कुछ भी नया नहीं है। पुरानी बोतल में नया शरबत परोसा गया है। जादुई आंकड़ों का खेल दिखाया गया है।
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को राजस्थान का वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा ने कहा कि "यह निराशाजनक बजट रहा है। नई बोतल में पुराना शरबत परोसा गया है। वे ही बातें हैं जो पिछले बजट में थी। इसमें इस बार एक भी बातें नई नहीं हैं। डीपीआर बनाने का खेल खेला जाएगा।
भर्तियों का बड़ा जादुई आंकड़ा बताया गया है। 14 माह बीतने के बाद भी यह सरकार सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं कर सकी है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ ही एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं निकाल पाई है। सवा लाख शिक्षकों के पद आज भी रिक्त पड़े हैं।
हमारी सरकार ने सौ यूनिट बिजली फ्री की थी। इसके बाद भाजपा सरकार में कोई नया कनेक्शन तक नहीं दिया गया है।
चुनाव के समय प्रधानमंत्री मोदी ने वादा किया था हरियाणा और राजस्थान के पेट्रोल के दाम बराबर कर देंगे। लेकिन आज भी दस रुपए से ज्यादा दाम हैं। इस बारे में बजट में कोई बात नहीं हुई है।
बजट में बताया गया है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब पांच दिन दूध मिलेगा, जबकि पिछले बजट में करीब 55 करोड़ रुपए का प्रावधान था, इसमें से एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया है।
यमुना जल के नाम पर सबसे बड़ा छल राजस्थान के शेखावाटी के लोगों के साथ किया गया है। एक भी शब्द यमुना जल के बारे में बजट में नहीं बोला गया है। पिछले बजट की चालीस फीसदी भी पालना नहीं हो पाई है। स्कूल व अस्पतालों की विशेष बात नहीं की गई है। बजट में कुछ भी नहीं है। बस बजट में घुमाकर बातें कहीं गई हैं। इस बजट से सभी में निराशा है।