
राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादलों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। आयोग ने पंचायती राज विभाग को लिखे पत्र में साफ कहा है कि अदालती आदेशों के पालन में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने एक महत्वपूर्ण कानूनी विकल्प देते हुए कहा है कि यदि राज्य सरकार समय पर ओबीसी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाती है, तो ओबीसी वर्ग के लिए निर्धारित सीटों को 'सामान्य' श्रेणी (General Category) में तब्दील कर चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। आयोग ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के मध्य प्रदेश मामले के उस फैसले का हवाला दिया है, जिसमें ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना भी चुनाव कराने की अनुमति दी गई थी।
निर्वाचन आयोग ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा (मिड-अप्रैल) तक चुनाव संपन्न नहीं कराए गए और सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट ने अवमानना (Contempt) की कार्रवाई शुरू की, तो इसके लिए सीधे तौर पर पंचायती राज विभाग के उच्च अधिकारी जिम्मेदार होंगे। आयोग ने सरकार से कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करने और सभी सीटों के आरक्षण की वर्तमान स्थिति तुरंत बताने को कहा है।
इस पूरे विवाद की जड़ में वो डेटा है जिसे ओबीसी आयोग ने "त्रुटिपूर्ण" बताया है। ओबीसी आयोग ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को बताया कि 'जन आधार प्राधिकरण' द्वारा दिया गया डेटा इतना गलत है कि उसके आधार पर आरक्षण तय करना संभव नहीं है।
निर्वाचन आयोग का यह प्रस्ताव कि "ओबीसी सीटों को जनरल मान लिया जाए", राजस्थान की राजनीति में बड़ा मोड़ ले सकता है। यदि ऐसा होता है, तो:
राजस्थान हाई कोर्ट ने पहले ही आदेश दे रखा है कि मध्य अप्रैल तक चुनाव करा लिए जाएं। सरकार की मंशा चुनाव आगे टालने की रही है, लेकिन निर्वाचन आयोग के इस नए पत्र ने सरकार और अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। आयोग का मानना है कि डेटा की कमियों को आधार बनाकर लोकतंत्र के उत्सव को अनिश्चितकाल के लिए नहीं रोका जा सकता।
ओबीसी आयोग ने जन आधार प्राधिकरण से गलतियों को तुरंत सुधारने को कहा है। साथ ही मुख्य सचिव से आग्रह किया गया है कि सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए जाएं कि वे पंचायतवार एससी/एसटी और ओबीसी की सटीक जनसंख्या का डेटा उपलब्ध कराएं। 24 फरवरी तक विभाग से कोई पुख्ता जानकारी न मिलने पर आयोग ने गहरी नाराजगी जताई है।
Updated on:
13 Mar 2026 11:38 am
Published on:
13 Mar 2026 11:38 am
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